आशा भोसले: वो गाना जिसने दिलों को छू लिया, एसडी बर्मन की डांट से मिली प्रेरणा
आशा भोसले का संगीत सफर
नई दिल्ली, 12 अप्रैल। हिंदी सिनेमा की दिग्गज गायिका आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं। उन्हें उनके प्रशंसक प्यार से 'ताई' के नाम से जानते थे। उनके हर गाने में एक विशेषता होती थी, जो उन्हें अद्वितीय बनाती थी। आशा भोसले ने गायकी में अपनी पहचान बनाने के लिए कड़ी मेहनत की।
उनकी जिंदगी में कई कहानियाँ हैं, जिनमें से कुछ दर्दनाक हैं और कुछ जीवन के अनुभवों से जुड़ी हैं। जब भी 'बंदिनी' का नाम आता, आशा भोसले उस गाने की रिकॉर्डिंग का किस्सा सुनाया करती थीं।
1963 में बिमल रॉय की फिल्म 'बंदिनी' रिलीज हुई, जिसमें नूतन, धर्मेंद्र और अशोक कुमार ने मुख्य भूमिकाएँ निभाईं। इस फिल्म में गुलजार ने अपने करियर की शुरुआत की थी। एसडी बर्मन ने इस गाने को आशा भोसले को गाने के लिए दिया।
जब आशा भोसले गाने के लिए आईं, तो तकनीकी रूप से सब कुछ सही था, लेकिन सचिन देव बर्मन को वह गाना पसंद नहीं आया। उन्होंने आशा से नाराज होकर पूछा, "क्या तुम्हारा भाई बाल नहीं है?"
उस समय आशा का निजी जीवन कठिनाइयों से भरा था। उन्होंने बताया कि वह अपने भाई की याद में रो पड़ीं। इसके बाद उन्होंने गाना एक ही टेक में रिकॉर्ड किया।
यह गाना एक महिला के दर्द को बयां करता है और आज भी श्रोताओं के दिलों को छूता है। आशा भोसले की आवाज़ ने हमेशा दिलों को छुआ है। उनकी गायकी की पहचान ऐसी रही है कि वे हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेंगी।
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