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आखिर कैसे निपटते हैं अमाल मलिक रचनात्मक मतभेदों से? जानें उनकी अनकही बातें!

अमाल मलिक, जो हाल ही में 'आवारापन 2' के संगीतकार बने हैं, ने कार्यस्थल पर रचनात्मक मतभेदों से निपटने के अपने अनोखे तरीके साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि वे अपने विचारों पर अडिग रहते हैं और कभी भी पीछे नहीं हटते। इस लेख में जानें कि कैसे वे संगीत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखते हैं और इंडस्ट्री में अपने अनुभवों को साझा करते हैं।
 

अमाल मलिक का रचनात्मक दृष्टिकोण


मुंबई, 16 अगस्त। हाल ही में इमरान हाशमी की फिल्म 'आवारापन 2' के गाने 'ये आवारापन' के संगीतकार अमाल मलिक ने कार्यस्थल पर रचनात्मक मतभेदों से निपटने के अपने तरीके साझा किए।


फिल्म के प्रचार के दौरान मुंबई के बीकेसी क्षेत्र में मीडिया से बातचीत करते हुए, अमाल ने कहा कि वे अपने विचारों पर अडिग रहते हैं और कभी भी पीछे नहीं हटते।


उन्होंने कहा, “रचनात्मक मतभेद स्वाभाविक हैं। मैं कभी नहीं कहता कि ‘यह गलत है’। यह दूसरे व्यक्ति की क्षमता पर निर्भर करता है कि वे कितने अहंकारी हैं। जो लोग समझदार होते हैं, वे मेरे साथ काम करना पसंद करते हैं। मैं यह नहीं मानता कि मेरी अनुपस्थिति से उनकी फिल्म प्रभावित होगी। मैं अमाल मलिक हूं, और अगर मुझे नहीं लिया गया, तो भी कोई और बेहतरीन संगीत दे सकता है।”


अमाल ने आगे कहा कि कोई निश्चित नियम नहीं है, लेकिन वे अपने तरीके से काम करना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा, “काम कम हो सकता है, लेकिन मैं अच्छा संगीत बनाना चाहता हूं। लोग सोचते हैं कि इंडस्ट्री से होने के कारण मुझे विशेषाधिकार मिलते हैं, लेकिन मैं संगीत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखना चाहता हूं।”


इस बीच, 'आवारापन 2' 'आवारापन' का सीक्वल है, जिसमें इमरान हाशमी शिवम पंडित की भूमिका में लौटे हैं। पहले भाग को रिलीज के समय असफल माना गया था, लेकिन बाद में इसे अपने संगीत और इमरान के अभिनय के कारण कल्ट फिल्म का दर्जा मिला। 'आवारापन 2' वर्तमान में सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है।


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