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असम के रंगमंच को नई दिशा देने की तैयारी: मुख्यमंत्री सरमा का बड़ा ऐलान

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के रंगमंच आंदोलन को नई ऊर्जा देने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की है। उन्होंने आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास और कलाकारों के लिए सामाजिक सुरक्षा उपायों पर जोर दिया। नए सांस्कृतिक संस्थानों के निर्माण से कलाकारों को वैश्विक मंच पर पहचान मिलेगी। जानें इस पहल के पीछे की सोच और असम की रंगमंच परंपरा को बनाए रखने के लिए उठाए गए कदम।
 
असम के रंगमंच को नई दिशा देने की तैयारी: मुख्यमंत्री सरमा का बड़ा ऐलान

असम में रंगमंच के विकास की नई पहल


गुवाहाटी, 4 फरवरी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को बताया कि राज्य सरकार आधुनिक बुनियादी ढांचे में निवेश और कलाकारों के लिए सामाजिक सुरक्षा उपायों को बढ़ावा देकर असम के रंगमंच आंदोलन को नई ऊर्जा देने के लिए प्रयासरत है।


शिवसागर नाट्य मंदिर के उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विश्वस्तरीय सांस्कृतिक स्थलों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जहां रंगमंच से जुड़े कलाकारों को उन्नत तकनीकी सुविधाएं मिलेंगी और असम की कलात्मक परंपराओं का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।


उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में राज्य में कई महत्वपूर्ण सांस्कृतिक संस्थानों का निर्माण किया गया है, जिसका उद्देश्य असम के रंगमंच पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है।


मुख्यमंत्री ने गुवाहाटी में ज्योति-बिष्णु अंतरराष्ट्रीय कला मंदिर, श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में श्री श्री दामोदरदेव अंतरराष्ट्रीय सभागार, नारायणपुर के माधवदेव कलाक्षेत्र में श्री श्री बदला पद्म अता कलातीर्थ सभागार और लखीमपुर में 1,000 सीटों वाले अत्याधुनिक सभागार का उल्लेख किया।


इन सुविधाओं ने कलाकारों के लिए नए अवसर प्रदान किए हैं और असम के रंगमंच को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में मदद की है।


मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि असम के विभिन्न जिलों में टाउन हॉल, सांस्कृतिक केंद्र और सभागारों का निर्माण स्थानीय रंगमंच समूहों और युवा कलाकारों को अपने क्षेत्रों में प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान कर रहा है।


उनके अनुसार, प्रमुख शहरी केंद्रों से बाहर भी रंगमंच आंदोलन को जीवित रखने के लिए इस तरह की विकेंद्रीकृत सुविधाएं अत्यंत आवश्यक हैं।


बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ कलाकारों के कल्याण पर भी राज्य सरकार ने ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री ने एकमुश्त वित्तीय सहायता, कलाकार पेंशन योजना का विस्तार, रंगमंच महोत्सवों और कार्यशालाओं के लिए अनुदान, और कलाकारों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरुआत जैसी पहलों का उल्लेख किया।


मुख्यमंत्री सरमा ने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा मिलेगा और असम की जीवंत रंगमंच परंपरा की निरंतरता बनी रहेगी।


उन्होंने कहा कि पुनर्निर्मित शिवसागर नाट्य मंदिर का उद्घाटन उन सांस्कृतिक संस्थानों को संवारने के लिए असम सरकार के संकल्प का प्रतीक है, जिन्होंने पीढ़ियों से राज्य के बौद्धिक और कलात्मक जीवन को आकार दिया है।


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