अविनाश वाधवन की सोलो ट्रिप: सैन फ्रांसिस्को ने सिखाया आत्मनिर्भरता का पाठ
अविनाश वाधवन की यादगार यात्रा
मुंबई, 20 अगस्त। अभिनेता अविनाश वाधवन, जो 'बालिका वधू', 'जुनून: ऐसी नफरत तो कैसा इश्क', 'सीआईडी' और 'डोली अरमानों की' जैसे धारावाहिकों में काम कर चुके हैं, ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपनी सोलो ट्रिप का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि सैन फ्रांसिस्को की यात्रा ने उन्हें आत्मनिर्भरता और खुद पर विश्वास करना सिखाया।
अविनाश ने कहा कि यह यात्रा केवल एक छुट्टी नहीं थी, बल्कि एक ऐसा अनुभव था जिसने उनके दृष्टिकोण को पूरी तरह से बदल दिया।
वर्तमान में राजश्री प्रोडक्शंस के शो ‘संगमरमर’ और ‘मनपसंद की शादी’ में नजर आ रहे अविनाश ने बताया कि उन्होंने केवल एक बार सोलो ट्रिप की है, जो उनके जीवन के सबसे यादगार और स्वतंत्रता का एहसास कराने वाले अनुभवों में से एक रही।
उन्होंने कहा, "यह अद्भुत अनुभव था, क्योंकि अकेले यात्रा करने से आप खुद पर भरोसा करना और अनिश्चितताओं को स्वीकार करना सीखते हैं। मैं घंटों तक शहर की गलियों में घूमता, नए मोहल्लों की खोज करता, स्थानीय लोगों से मिलता और अपने तरीके से शहर का अनुभव करता था। कोई निर्धारित कार्यक्रम नहीं था। यह अनुभव स्वतंत्रता देने वाला, समृद्ध और व्यक्तिगत था।"
अविनाश ने आगे कहा, "यह मेरी जिंदगी की सबसे संतोषजनक यात्रा में से एक थी। यह केवल एक यात्रा नहीं थी, बल्कि खुद से एक गहरी बातचीत थी, जिससे मैं पहले से कहीं अधिक समृद्ध होकर लौटा।"
उन्होंने यह भी बताया कि व्यस्त शेड्यूल के बावजूद, वह यात्रा के लिए समय निकालने की कोशिश करते हैं। उनका मानना है कि यात्रा का मतलब केवल नई जगहों की सूची बनाना नहीं, बल्कि नए अनुभवों को हासिल करना है।
अपनी पसंदीदा जगह के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा, "अगर मुझे एक स्थान चुनना हो जो मेरे दिल के करीब हो, तो वह दार्जिलिंग होगा। वहां का माहौल, विविधता और खूबसूरत पहाड़ी दृश्य मुझे बहुत पसंद हैं। हर सड़क की अपनी एक कहानी होती है।"
अविनाश वाधवन ने भारतीय टेलीविजन में भी अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने 'सपना बाबुल का... बिदाई' में इंद्रजीत राजवंश की भूमिका निभाई है और 'मात पिता के चरणों में स्वर्ग', 'शोभा सोमनाथ की' जैसे कई चर्चित धारावाहिकों में भी काम किया है।
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