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अरमान कोहली: पिता की पूंजी पर खड़ी हुई करियर की कहानी, क्या फिर से चमकेंगे?

अरमान कोहली का करियर एक दिलचस्प सफर है, जिसमें संघर्ष और असफलताओं का सामना करना पड़ा। उनके पिता, राजकुमार कोहली, ने अपने बेटे के करियर को संवारने के लिए अपनी पूंजी दांव पर लगाई। जानें कैसे अरमान ने बड़े सितारों के साथ काम करने के अवसरों को खोया और कैसे 'बिग बॉस' में उनकी छवि बनी। क्या वह फिर से फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना पाएंगे? इस लेख में जानें उनके जीवन की अनकही कहानियाँ।
 
अरमान कोहली: पिता की पूंजी पर खड़ी हुई करियर की कहानी, क्या फिर से चमकेंगे?

अरमान कोहली का संघर्ष और फिल्मी सफर




मुंबई, 22 मार्च। साल 2002 में एक ऐसी फिल्म आई, जिसने बड़े सितारों जैसे अक्षय कुमार, सनी देओल, सुनील शेट्टी और मनीषा कोइराला की उपस्थिति के बावजूद सुर्खियां बटोरीं। हालांकि, इस फिल्म का मुख्य आकर्षण ये सितारे नहीं थे, बल्कि एक ऐसे अभिनेता थे, जिनका करियर फिर से स्थापित करने की कोशिश की जा रही थी।


यह फिल्म थी राजकुमार कोहली द्वारा निर्देशित 'जानी दुश्मन: एक अनोखी कहानी'। बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म असफल रही, लेकिन बाद में इसे टीवी पर काफी देखा गया। इस फिल्म के जरिए राजकुमार कोहली ने अपने बेटे के गिरते करियर को सहारा देने के लिए अपनी पूरी पूंजी और प्रतिष्ठा दांव पर लगा दी थी। फिल्म में 'इच्छाधारी नाग' का किरदार निभाने वाले अभिनेता अरमान कोहली थे।


अरमान कोहली का जन्म 23 मार्च 1972 को हुआ। उनके पिता, राजकुमार कोहली, 70 और 80 के दशक के एक प्रमुख निर्माता-निर्देशक थे, जिनका नाम ही फिल्म की सफलता की गारंटी माना जाता था। 'नागिन' और 'जानी दुश्मन' जैसी मल्टी-स्टारर फिल्मों के निर्माता राजकुमार कोहली ने फिल्म इंडस्ट्री में एक खास स्थान बनाया। उनकी मां, निशि कोहली, भी एक प्रसिद्ध अभिनेत्री थीं, जिन्होंने हिंदी और पंजाबी सिनेमा में अपनी छाप छोड़ी।


अरमान का बचपन ऐसे माहौल में बीता जहां फिल्मी सितारे उनके घर के आंगन में आते-जाते थे। उन्हें कभी भी ऑडिशन की कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ा। उनके पिता ही उनके सबसे बड़े सहायक और गॉडफादर थे।


1992 में उन्हें दिव्या भारती के साथ फिल्म 'दीवाना' में काम करने का मौका मिला, लेकिन उनके गुस्सैल स्वभाव के कारण वह फिल्म से बाहर हो गए। इस फिल्म में शाहरुख खान को मौका मिला, और वह रातों-रात स्टार बन गए।


इसके बाद, अब्बास-मस्तान ने उन्हें 'बाजीगर' में लीड रोल ऑफर किया, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। यह रोल भी शाहरुख खान को मिला और उन्होंने इतिहास रच दिया।


1995 में आदित्य चोपड़ा ने उन्हें 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' में काजोल के मंगेतर का रोल ऑफर किया, जिसे उन्होंने लीड हीरो के रोल के लिए ठुकरा दिया। यह रोल बाद में परमीत सेठी ने किया।


अरमान कोहली ने जिन फिल्मों को ठुकराया, वे बाद में बॉलीवुड की सबसे बड़ी हिट बन गईं। 1992 में 'विरोधी' से डेब्यू करने के बाद उन्होंने कई फ्लॉप फिल्में कीं। 1997 में उनके पिता ने 'कहर' बनाई, जिसमें सनी देओल और सुनील शेट्टी जैसे सितारे थे, लेकिन यह भी अरमान को स्टार नहीं बना सकी।


2015 में सलमान खान की सिफारिश पर उन्हें 'प्रेम रतन धन पायो' में एक महत्वपूर्ण नेगेटिव रोल मिला। फिल्म सफल रही, लेकिन उनके करियर को नई दिशा नहीं मिली।


2013 में अरमान कोहली ने रियलिटी शो 'बिग बॉस 7' में भाग लिया। यह शो उनके लिए एक वरदान और अभिशाप दोनों साबित हुआ। शो में उनके गुस्से और सह-प्रतियोगियों के साथ विवाद ने उन्हें चर्चा में ला दिया।


अरमान कोहली वर्तमान में 'वी एनॉरटेन' के सीईओ हैं और भविष्य में निर्देशन में कदम रखने की योजना बना रहे हैं।


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