अनुपम खेर ने 'धुरंधर' को प्रोपेगेंडा कहने वालों को दिया जवाब, दर्शकों की पसंद को बताया असली सफलता
फिल्म 'धुरंधर' पर अनुपम खेर की प्रतिक्रिया
मुंबई, 1 अप्रैल। भारतीय सिनेमा में कई बार फिल्में रिलीज होते ही विवादों में घिर जाती हैं। ऐसा ही कुछ डायरेक्टर आदित्य धर की फिल्म फ्रेंचाइजी 'धुरंधर' के साथ हुआ। कुछ आलोचक और दर्शक इसे 'प्रोपेगेंडा फिल्म' कह रहे हैं, लेकिन वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर ने इसे नकारते हुए कहा कि असली मायने और सफलता दर्शकों की पसंद में ही छिपी है।
अनुपम खेर ने फिल्म और उसके निर्माताओं की सराहना करते हुए आलोचकों को नजरअंदाज करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग फिल्मों को प्रोपेगेंडा बताने में लगे रहते हैं और हम उनके दावे पर जरूरत से ज्यादा ऊर्जा खर्च कर रहे हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, ''हमें उन लोगों के लिए 'आरआईपी' कहना चाहिए जो फिल्मों को प्रोपेगेंडा कह रहे हैं। हम उन्हें ज्यादा महत्व दे रहे हैं। वे अप्रासंगिक हैं, अनावश्यक हैं।''
उन्होंने कहा कि ऐसी आलोचनाएं फिल्म की असली कीमत या दर्शकों के अनुभव को नहीं बदल सकतीं।
अनुपम खेर ने आगे जोर देकर कहा, ''किसी भी फिल्म की असली सफलता दर्शकों पर निर्भर करती है, न कि मीडिया या आलोचकों की बनाई गई कहानियों पर। दर्शक समझदार होते हैं और अपनी पसंद खुद तय करते हैं।''
उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में कभी-कभी विवाद और बहस को असली मुद्दे से ज्यादा बढ़ा दिया जाता है। मेरा मानना है कि अगर हम फिल्में बनाने वाले कलाकारों और उनकी मेहनत की सराहना करें, तो यह बेहतर होगा। फिल्में दर्शकों के लिए बनाई जाती हैं, और अगर फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल होती हैं, तो इसका मतलब यही है कि जनता ने इसे पसंद किया।
अनुपम खेर ने कहा, ''फिल्में दर्शकों के बीच भावनाओं और अनुभवों को भी साझा करती हैं। इसलिए फिल्मों की आलोचना करने वालों पर ज्यादा ध्यान देने के बजाय हमें उनकी उपलब्धियों और दर्शकों की प्रतिक्रिया को देखना चाहिए। आखिरकार, असली विजेता वही है जिसे दर्शक पसंद करते हैं। अगर शो हाउसफुल हो जाता है, तो यह दर्शकों की पसंद का सबूत है।''
फिल्म फ्रेंचाइजी 'धुरंधर' के पहले पार्ट को दर्शकों से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। इसके बाद इसका सीक्वल 'धुरंधर 2: द रिवेंज' 19 मार्च को रिलीज हुआ।
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