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अदिवी शेष का बड़ा बयान: 'भाषा नहीं, कहानी हो असली पहचान' पैन इंडिया सिनेमा पर

तेलुगु सिनेमा के अभिनेता अदिवी शेष ने पैन इंडिया फिल्मों पर अपनी राय साझा की है। उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा की पहचान भाषा से नहीं, बल्कि कहानी से होनी चाहिए। उनका मानना है कि जब लोग कहानियों को भाषा की सीमाओं में नहीं बांधेंगे, तभी सच्चे पैन इंडिया सिनेमा की शुरुआत होगी। अदिवी ने अपने वर्कफ्रंट पर भी चर्चा की, जिसमें उनकी हालिया फिल्म 'डकैत: ए लव स्टोरी' शामिल है।
 

अदिवी शेष की नई सोच




मुंबई, 14 जुलाई। तेलुगु सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता और लेखक अदिवी शेष अपनी बेबाक राय और प्रभावशाली फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। हाल के वर्षों में, उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है और उनकी फिल्मों को देशभर में दर्शकों का प्यार मिला है। अदिवी का मानना है कि फिल्मों को अब भाषा के दायरे में नहीं बांधना चाहिए।


उनका कहना है कि भारतीय सिनेमा का भविष्य तब ही मजबूत होगा जब फिल्मों की पहचान उनकी कहानी से होगी, न कि उनकी भाषा से।


अदिवी शेष ने 'पैन इंडिया' फिल्मों पर अपनी स्पष्ट राय रखी है। उन्होंने कहा, "यह दिलचस्प है कि हम आज भी फिल्मों को 'हिंदी फिल्म', 'तेलुगु फिल्म' या 'तमिल फिल्म' कहकर अलग करते हैं और फिर 'पैन इंडिया फिल्म' जैसे शब्द का उपयोग करते हैं। अगर कोई फिल्म पूरे देश के दर्शकों से भावनात्मक रूप से जुड़ती है, तो उसकी पहचान किसी एक भाषा तक सीमित क्यों होनी चाहिए?"


उन्होंने आगे कहा, "जब लोग कहानियों को भाषा की सीमाओं में नहीं बांधेंगे और उन्हें भारतीय कहानियों के रूप में स्वीकार करेंगे, तभी सही मायनों में पैन इंडिया सिनेमा की शुरुआत होगी। अच्छी कहानी की कोई भाषा नहीं होती। अगर कहानी दिल को छूती है, तो वह हर वर्ग और क्षेत्र के दर्शकों तक पहुंच जाती है।"


अदिवी शेष ने कहा, "फिल्मों को भाषा के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटना इस बात का संकेत है कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री अभी भी एक अदृश्य दीवार को पूरी तरह नहीं तोड़ पाई है। भाषा केवल संवाद का माध्यम है, लेकिन उसे किसी फिल्म की सीमा नहीं बनना चाहिए। आज के दर्शक पहले से कहीं ज्यादा खुले विचारों वाले हो चुके हैं। वे इस बात की परवाह नहीं करते कि फिल्म किस भाषा में बनी है, बल्कि यह देखते हैं कि कहानी कितनी दमदार है और उसे किस तरह पर्दे पर पेश किया गया है।"


अदिवी शेष ने कहा, "एक कलाकार और कहानीकार के रूप में मेरी जिम्मेदारी ऐसी कहानियां सुनाना है, जो सच्ची हों और देश के हर हिस्से के दर्शकों तक पहुंच सकें। फिल्म निर्माताओं का सपना केवल किसी एक भाषा के बाजार तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसी फिल्में बनानी चाहिए जिन्हें पूरा देश अपनी फिल्म मान सके। जब फिल्में सभी भारतीयों से जुड़ेंगी, तभी भारतीय सिनेमा की असली ताकत दुनिया के सामने आएगी।"


वर्कफ्रंट की बात करें तो अदिवी शेष हाल ही में फिल्म 'डकैत: ए लव स्टोरी' में नजर आए हैं। यह एक रोमांटिक एक्शन ड्रामा है, जिसका निर्देशन शेनिल देव ने किया है। फिल्म में मृणाल ठाकुर मुख्य भूमिका में हैं, जबकि अनुराग कश्यप, प्रकाश राज, सुनील, जेन मैरी खान और अतुल कुलकर्णी भी महत्वपूर्ण किरदार निभा रहे हैं।


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