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सयानी गुप्ता की शॉर्ट फिल्म 'आसमानी' का वर्ल्ड प्रीमियर: एक सपना साकार होने का पल!

सयानी गुप्ता की शॉर्ट फिल्म 'आसमानी' का वर्ल्ड प्रीमियर होने जा रहा है, जो उनके ढाई साल की मेहनत का परिणाम है। इस फिल्म में उन्होंने न केवल अभिनय किया है, बल्कि इसकी कहानी भी लिखी है और इसे निर्देशित तथा प्रोड्यूस किया है। सयानी ने इस खास मौके पर अपने इमोशन्स साझा किए हैं और इसे अपने बच्चे की तरह मानती हैं। जानें इस फिल्म के बारे में और कैसे यह उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
 

सयानी गुप्ता का सपना: 'आसमानी' का प्रीमियर


मुंबई, 23 अप्रैल। कई बार किसी कलाकार के लिए एक प्रोजेक्ट उनके सपनों का प्रतीक बन जाता है। ऐसा ही कुछ अभिनेत्री और निर्माता सयानी गुप्ता के साथ हुआ है, जिनकी शॉर्ट फिल्म 'आसमानी' अब पहली बार दर्शकों के सामने आ रही है। यह केवल एक फिल्म का प्रीमियर नहीं है, बल्कि ढाई साल की मेहनत, संघर्ष और सीखने का परिणाम है, जिसका इंतजार उन्होंने लंबे समय से किया। इस खास अवसर पर उन्होंने अपने भावनाओं को इंस्टाग्राम पर साझा किया।


सयानी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि पिछले ढाई साल उनके लिए सबसे मेहनती रहे हैं, और अब यह समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच रहा है। उनकी फिल्म 'आसमानी' का वर्ल्ड प्रीमियर होने जा रहा है, और वह इसे अपने बच्चे की तरह मानती हैं, जिसे अब दुनिया देखेगी।


उन्होंने कहा, "यह पल मेरे लिए बहुत खास है, और मैं चाहती हूं कि यह फिल्म लोगों के दिलों तक पहुंचे।" इस फिल्म की विशेषता यह है कि सयानी ने इसमें अभिनय के साथ-साथ इसकी कहानी भी लिखी है, और इसे निर्देशित तथा प्रोड्यूस भी किया है। यह उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहां उन्होंने कैमरे के सामने और पीछे दोनों जगह अपनी पहचान बनाई है।


उनकी इस पोस्ट पर फैंस और फिल्म इंडस्ट्री से भी शुभकामनाएं मिल रही हैं। अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स दीया मिर्जा ने कमेंट करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं और लिखा, 'गुड लक और उड़ान भरें।'


'आसमानी' सयानी गुप्ता की पहली पूरी तरह से निर्मित फिल्म है। इसमें प्रसिद्ध अभिनेत्री रेवती और अभय कौल जैसे कलाकार शामिल हैं। इससे पहले, सयानी ने कुछ प्रोजेक्ट्स में सह-निर्माता के रूप में काम किया था, लेकिन यह उनका पहला प्रोडक्शन प्रोजेक्ट है, जिसे उन्होंने खुद लीड किया है।


सयानी ने पहले बताया था कि यह उनका सपना है कि वह ऐसी कहानियां बनाएं जो अनोखी हों और जिनमें नए विचार हों। वह चाहती हैं कि फिल्म निर्माण में सहयोग और रचनात्मकता को बढ़ावा मिले, इसलिए वह हर प्रोजेक्ट को धीरे-धीरे, लेकिन पूरी मेहनत और समझ के साथ करना चाहती हैं.