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क्या है सोनाक्षी बत्रा की देशभक्ति की नई परिभाषा? जानें 'जगद्धात्री' के किरदार से मिली प्रेरणा!

टीवी अभिनेत्री सोनाक्षी बत्रा ने अपने शो 'जगद्धात्री' में निभाए गए किरदार से देशभक्ति की नई परिभाषा को समझा है। उन्होंने बताया कि वर्दी पहनने से उन्हें असली नायकों की जिम्मेदारियों का एहसास हुआ है। इस किरदार ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है और उन्हें सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान की भावना दी है। जानें उनके विचार और स्वतंत्रता दिवस पर उनके गर्व का अनुभव।
 

सोनाक्षी बत्रा का नया नजरिया


मुंबई, 13 अगस्त। टीवी की जानी-मानी अभिनेत्री सोनाक्षी बत्रा इस समय अपने शो 'जगद्धात्री' में निभाए गए किरदार के कारण चर्चा में हैं। इस भूमिका ने न केवल उन्हें पर्दे पर एक मजबूत महिला का रूप दिया है, बल्कि उनकी सोच पर भी गहरा प्रभाव डाला है, विशेषकर देशभक्ति के संदर्भ में।


सोनाक्षी ने एक विशेष बातचीत में बताया कि जब वह जगद्धात्री की वर्दी पहनती हैं, तो उन्हें असली नायकों की जिम्मेदारियों और बलिदानों को समझने का अवसर मिलता है।


उन्होंने कहा, ''जगद्धात्री का किरदार निभाने के बाद मेरे लिए देशभक्ति का अर्थ और भी गहरा हो गया है। जब मैं वर्दी पहनती हूं, तो मुझे एक अद्भुत शक्ति का अनुभव होता है। यह भूमिका मुझे आत्मविश्वास देती है और यह सोचने पर मजबूर करती है कि असल जीवन में देश की रक्षा करने वाले कितनी हिम्मत से अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं।''


सोनाक्षी ने आगे कहा, ''इस किरदार के माध्यम से मैंने सेना, पुलिस, नौसेना और अन्य सुरक्षा बलों के साहस को समझा है। ये जवान अपनी जान की परवाह किए बिना देश और उसके नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं। उनके लिए ड्यूटी केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका बन जाती है।''


उन्होंने यह भी कहा, ''पर्दे पर बहादुर किरदार निभाना और असल जिंदगी में देश की रक्षा करना दो अलग बातें हैं। कैमरा बंद होने के बाद कलाकार सामान्य जीवन में लौटता है, लेकिन सुरक्षा बलों के जवानों के लिए जिम्मेदारी हर दिन बनी रहती है। अब मैं इन असली नायकों को पहले से कहीं अधिक सम्मान देती हूं।''


सोनाक्षी ने स्वतंत्रता दिवस पर गर्व महसूस करते हुए कहा, ''मुझे खुशी है कि मैं ऐसा किरदार निभा रही हूं, जो साहस और देश के प्रति समर्पण को दर्शाता है। जगद्धात्री की भूमिका मुझे हर दिन यह याद दिलाती है कि देश की सुरक्षा के लिए जीवन समर्पित करने वाले लोगों की कितनी अहमियत है।''