×

क्या है अनुपमा की राही अद्रिजा रॉय की सफलता का राज? जानें उनके विचार!

अद्रिजा रॉय, जो टीवी शो 'अनुपमा' में राही का किरदार निभा रही हैं, ने अपने काम के प्रति ईमानदारी और मेहनत के महत्व पर जोर दिया है। उन्होंने बताया कि कैसे सही दृष्टिकोण से चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। अद्रिजा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि शोहरत और रेटिंग से ज्यादा, वे अपनी परफॉर्मेंस पर ध्यान केंद्रित करती हैं। जानें उनके विचार और प्रेरणा के बारे में इस लेख में!
 

अद्रिजा रॉय का अनुभव और विचार


मुंबई, 8 मई। टीवी शो ‘अनुपमा’ में राही का किरदार निभाने वाली अद्रिजा रॉय को उनके अभिनय के लिए दर्शकों से काफी सराहना मिल रही है। हाल ही में, उन्होंने अपने काम के प्रति अपने दृष्टिकोण को साझा किया। अद्रिजा का मानना है कि यदि आप ईमानदारी और मेहनत से काम करते हैं, तो आने वाली बाधाएं अपने आप हल हो जाती हैं।


एक विशेष बातचीत में, अद्रिजा ने बताया कि जब उन्हें ‘अनुपमा’ में शामिल होने का मौका मिला, तो वे जानती थीं कि यह शो रूपाली गांगुली के किरदार ‘अनुपमा’ के चारों ओर घूमता है। उन्होंने कहा, 'जब मुझे नई पीढ़ी के लीप के लिए संपर्क किया गया, तो मैं बहुत उत्साहित थी। 'अनुपमा' एक ब्रांड है और इस सफल शो का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात है।'


अद्रिजा ने यह भी कहा कि सफलता की राह में चुनौतियां आती हैं, लेकिन सही इरादे और मेहनत से हर मुश्किल आसान हो जाती है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वे शोहरत या रेटिंग के बजाय अपने काम पर ध्यान केंद्रित करती हैं। अद्रिजा ने कहा, 'मैं मानती हूं कि ईमानदारी से काम करने पर मुश्किलें अपने आप हल हो जाती हैं।'


उन्होंने ‘अनुपमा’ के निर्माता राजन शाही की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे हमेशा कलाकारों को सलाह देते हैं कि टीआरपी या रेटिंग के बारे में न सोचें, बल्कि अपनी परफॉर्मेंस पर ध्यान दें। अद्रिजा भी इस विचार से सहमत हैं और कहती हैं, 'मैं बाहरी दबाव को अपने काम पर असर नहीं डालने देती। हर दिन अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करती हूं।'


अद्रिजा का मानना है कि उनके और राही के किरदार में कई समानताएं हैं। उन्होंने कहा, 'मुझमें और राही में सकारात्मक दृष्टिकोण की समानता है। कहानी में कुछ स्थितियां नाटकीय प्रभाव के लिए लिखी गई हैं, लेकिन जब राही भावनात्मक रूप से प्रतिक्रिया देती है, तो मैं उसके नजरिए को समझने की कोशिश करती हूं।' एक अभिनेता के रूप में, जब वे किसी दृश्य के पीछे के तर्क को समझती हैं, तो उसे निभाना आसान हो जाता है।