क्या फिर से दर्शकों के दिलों में बसने वाली है स्मृति ईरानी की तुलसी? जानें नए शो के बारे में!
टीवी शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में नया मोड़
मुंबई, 3 जुलाई। लोकप्रिय टीवी धारावाहिक 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' ने दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई है। अब यह शो अपनी कहानी में 10 साल का बड़ा लीप लेकर एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। इस अवसर पर, तुलसी का किरदार निभाने वाली स्मृति ईरानी ने अपने अनुभव और इस किरदार की महत्ता पर खुलकर बात की।
स्मृति ने कहा, ''मेरे अभिनय करियर में मुझे कई प्रशंसा मिली हैं, लेकिन सबसे खास तब लगता है जब लोग कहते हैं कि तुलसी उन्हें अपनी मां, दादी या नानी की याद दिलाती है। यह किसी भी कलाकार के लिए सबसे बड़ा सम्मान है, क्योंकि इसका मतलब है कि दर्शकों ने उस किरदार को अपने परिवार का हिस्सा मान लिया है। सालों बाद भी लोग तुलसी को उसी अपनापन और सम्मान के साथ याद करते हैं। यही इस किरदार की सबसे बड़ी सफलता है।''
उन्होंने आगे कहा, ''समय चाहे कितना भी बदल जाए, हर परिवार में किसी ऐसे व्यक्ति की आवश्यकता होती है जो रिश्तों को जोड़ने का कार्य करे। परिवार में मतभेद और परेशानियां आना सामान्य है, लेकिन उन्हें बढ़ाने के बजाय प्यार और समझदारी से सुलझाना ज्यादा महत्वपूर्ण है। तुलसी हमेशा वही इंसान रही है जिसने लोगों की बातें सुनीं, उन्हें समझने की कोशिश की और परिवार को एकजुट रखने के लिए हर संभव प्रयास किया।''
स्मृति ने शो में आए 10 साल के लीप के बारे में भी अपनी उत्सुकता व्यक्त की। उन्होंने कहा, "नई कहानी में तुलसी एक ऐसे परिवार में लौटती है, जो पहले से काफी बदल चुका है। समय के साथ रिश्तों में दूरियां बढ़ गई हैं, नए मतभेद उत्पन्न हो गए हैं और परिवार के सदस्यों के बीच पहले जैसी नजदीकियां नहीं रहीं। फिर भी, तुलसी का विश्वास अब भी पहले जैसा मजबूत है। वह मानती है कि हर रिश्ते को एक और मौका मिलना चाहिए और अगर लोग दिल से कोशिश करें तो बिखरे हुए परिवार भी फिर से एक हो सकते हैं।"
अपने किरदार के बारे में बात करते हुए स्मृति ने कहा, ''तुलसी की सबसे बड़ी खूबी यही है कि वह किसी भी समस्या का सिर्फ एक ही समाधान नहीं मानती। हर पीढ़ी की अपनी सोच, अपनी परेशानियां और अपनी चुनौतियां होती हैं। ऐसे में हर स्थिति को धैर्य, संवेदनशीलता और समझदारी से संभालने की आवश्यकता होती है। तुलसी हमेशा लोगों को समझने और उन्हें साथ लेकर चलने में विश्वास करती है, इसलिए यह किरदार आज भी लोगों के दिलों से जुड़ा हुआ है।''
स्मृति ने आगे कहा, ''तुलसी का सफर आसान नहीं रहा। इस किरदार ने कई मुश्किल दौर देखे, परिवार में उतार-चढ़ाव आए और कई ऐसे मौके भी आए जब रिश्तों की परीक्षा हुई। लेकिन हर बार उम्मीद, विश्वास और माफी ने कहानी को आगे बढ़ाया। यही बातें इस किरदार को खास बनाती हैं और यही वजह है कि दर्शक आज भी तुलसी से खुद को जोड़ पाते हैं।''
स्मृति ने उम्मीद जताई कि शो के इस नए अध्याय में भी दर्शकों को अपनी जिंदगी और अपने परिवार की झलक देखने को मिलेगी। नई कहानी में कई ऐसे मोड़ होंगे जो लोगों को चौंकाएंगे, लेकिन इसका मूल संदेश वही रहेगा जो शुरुआत से रहा है- परिवार, विश्वास, माफी और उम्मीद।