क्या आप जानते हैं अर्चना पूरन सिंह की पहली फिल्म के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ी थी?
अर्चना पूरन सिंह का संघर्ष और सफलता
मुंबई, 25 मार्च। चाहे वह 'कुछ-कुछ होता है' में मिसेज ब्रिगेंजा का किरदार हो या कपिल शर्मा शो में जज की भूमिका, अर्चना पूरन सिंह ने हर जगह अपनी छाप छोड़ी है।
आज भी, अर्चना अपने व्लॉग के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन करती हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि 19 साल की उम्र में कैमरे का सामना करने वाली अर्चना को अपनी पहली फिल्म पाने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ी थी?
26 मार्च को देहरादून में जन्मी अर्चना पूरन सिंह आज टीवी की एक प्रमुख हस्ती बन चुकी हैं। भले ही वह फिल्मी दुनिया से दूर हैं, लेकिन सोशल मीडिया और 'द कपिल शर्मा शो' के जरिए वह अपने फैंस के दिलों में बसी हुई हैं। अर्चना ने अपने करियर की शुरुआत टीवी से की थी, और उन्हें नहीं पता था कि एक दिन वह जज बनकर मोटी फीस लेंगी। लेकिन उनके शुरुआती दिनों में संघर्ष की कोई कमी नहीं थी।
फिल्मों में कदम रखने से पहले, अर्चना ने कई टीवी सीरियल्स में काम किया। उन्होंने 'मिस्टर या मिसेज' और 'करमचंद' जैसे नाटकों में अभिनय किया, जिसमें उन्होंने डबल रोल निभाया। कहा जाता है कि वह पहली अभिनेत्री थीं जिन्होंने छोटे पर्दे पर डबल रोल को सफलतापूर्वक निभाया। हालांकि, वह केवल तीन एपिसोड में नजर आईं, जिसके बाद वह सीरियल बंद हो गया।
1987 में, अर्चना को पहली फिल्म 'जलवा' का प्रस्ताव मिला, जिसके लिए उन्हें मुंबई की 30-35 मॉडल लड़कियों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ी। अर्चना ने बताया कि जब उन्हें स्क्रीन टेस्ट के लिए बुलाया गया, तब वह घर से दूर थीं और 100 रुपए की टैक्सी लेकर पहुंचीं, जो उस समय काफी बड़ी रकम थी। जब उन्हें कैमरे के सामने संवाद बोलने के लिए कहा गया, तो उनका चयन हो गया और उन्हें लगा कि उनकी मेहनत रंग लाई।
फिल्म 'जलवा' की शूटिंग भी अर्चना के लिए आसान नहीं थी। फिल्म के मुख्य अभिनेता साइरस ब्रोचा ने उन्हें गले लगाने से मना कर दिया था। कहा जाता है कि साइरस उस समय बहुत शर्मीले थे, लेकिन फिल्म के एक महत्वपूर्ण सीन के लिए उन्हें अर्चना को गले लगाना था। नसीरुद्दीन शाह ने साइरस को समझाया कि अगर वह आज गले नहीं लगाते, तो उन्हें 10 साल बाद इसका पछतावा होगा।