कंवर ढिल्लों: कैसे खेलों ने बदली उनकी जिंदगी और एक्टिंग में दी मजबूती?
कंवर ढिल्लों का खेलों के प्रति जुनून
मुंबई, 10 सितंबर। टीवी अभिनेता कंवर ढिल्लों आजकल अपनी अभिनय प्रतिभा के लिए जाने जाते हैं, लेकिन उनके लिए खेल हमेशा से जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। एक बातचीत में, कंवर ने साझा किया कि उनका खेलों के प्रति लगाव कोई नई बात नहीं है। स्कूल के दिनों से ही वह खेलों में अव्वल रहे और कई प्रतियोगिताओं में अपने स्कूल का प्रतिनिधित्व किया।
कंवर ने अपने बचपन को याद करते हुए कहा, ''मैं हमेशा से एक खिलाड़ी रहा हूं। स्कूल के प्राइमरी सेक्शन से ही मैं स्प्रिंटर था। मैं अपने स्कूल का सबसे अच्छा एथलीट और स्पोर्ट्स कैप्टन भी रहा हूं। मैंने स्कूल के सभी बड़े खेल आयोजनों में भाग लिया और कई प्रतियोगिताओं में अपने स्कूल का प्रतिनिधित्व किया। मेरे लिए खेल रोजमर्रा की जिंदगी का एक हिस्सा था।''
उन्होंने आगे कहा, ''खेल ने मुझे न केवल शारीरिक रूप से मजबूत बनाया, बल्कि कठिन समय में खुद को संभालना भी सिखाया। हार के बाद फिर से कोशिश करना और आगे बढ़ते रहना, यह मेरे लिए जीवन की एक महत्वपूर्ण सीख बन गई है। एक्टिंग में भी कई बार दबाव और थकान होती है, लेकिन ऐसे समय में मैं उसी सोच का सहारा लेता हूं।''
कंवर ने अपनी रणनीति साझा करते हुए कहा, ''किसी कठिन दिन के बाद खुद को संभालने का मेरा तरीका बस आगे बढ़ते रहना है और अपने शरीर और दिमाग की सुनना है। हर दिन खुद को एक ही तरह से धकेलना जरूरी नहीं है। अगर किसी दिन काम का शेड्यूल बहुत थका देने वाला हो और मैं जिम नहीं जा पाऊं, तो मैं खुद पर दबाव नहीं डालता।''
उन्होंने कहा, ''अगर शरीर और दिमाग आराम मांग रहे हैं, तो मैं उनकी बात सुनता हूं। फिटनेस का मतलब हर दिन जबरदस्ती कसरत करना नहीं है। कभी-कभी शरीर को आराम देना भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। मैं मानता हूं कि अपनी क्षमता को समझकर आगे बढ़ना लंबे समय तक फिट और बेहतर बने रहने में मदद करता है।''
बातचीत के दौरान, कंवर ने अभिनेता सिद्धार्थ निगम की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ''सिद्धार्थ का फिटनेस स्तर अद्वितीय है और वह अपने काम में बहुत अच्छे हैं।''
कंवर ढिल्लों वर्तमान में स्टार प्लस के लोकप्रिय शो 'उड़ने की आशा' में सचिन देशमुख की मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। इस शो में नेहा हरसोरा, सयाली के किरदार में नजर आ रही हैं।