आकांक्षा सिंह: टीवी से लेकर साउथ सिनेमा तक, जानें उनकी अदाकारी की कहानी
आकांक्षा सिंह का सफर
मुंबई, 29 जुलाई। टीवी इंडस्ट्री में अपने करियर की शुरुआत करने वाली आकांक्षा सिंह आज एक प्रसिद्ध नाम बन चुकी हैं। अपनी बेहतरीन अदाकारी, सरलता और प्रभावशाली भूमिकाओं के चलते उन्होंने हिंदी टेलीविजन के साथ-साथ साउथ सिनेमा और बॉलीवुड में भी अपनी पहचान बनाई है।
आकांक्षा का जन्म 30 जुलाई, 1990 को जयपुर, राजस्थान में हुआ। उनका बचपन कला और रंगमंच के माहौल में बीता, क्योंकि उनकी मां एक थिएटर आर्टिस्ट थीं। आकांक्षा ने फिजियोथेरेपी की पढ़ाई की, लेकिन उनका मन हमेशा अभिनय की ओर लगा रहा। उन्होंने थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की और धीरे-धीरे मनोरंजन की दुनिया में अपनी जगह बनाई।
उन्हें 2012 में टीवी शो 'ना बोले तुम ना मैंने कुछ कहा' से पहचान मिली, जहां उन्होंने मेघा व्यास भटनागर का किरदार निभाया। इस भूमिका ने उन्हें दर्शकों के दिलों में एक खास स्थान दिलाया और इसके लिए उन्हें इंडियन टेली अवॉर्ड्स में फ्रेश न्यू फेस फीमेल का पुरस्कार भी मिला।
इसके बाद आकांक्षा ने कई विविध किरदारों में अपनी प्रतिभा साबित की। उन्होंने टीवी शो 'गुलमोहर ग्रैंड' में भी काम किया। छोटे पर्दे पर सफलता के बाद, उन्होंने फिल्मों की ओर कदम बढ़ाया।
साल 2017 आकांक्षा के लिए महत्वपूर्ण रहा, जब उन्होंने बॉलीवुड फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' से बड़े पर्दे पर कदम रखा। इसी वर्ष, उन्होंने तेलुगु फिल्म 'मल्ली रावा' से साउथ सिनेमा में भी शुरुआत की, जहां उनके अभिनय की सराहना हुई और उन्हें एसआईआईएमए अवॉर्ड्स में बेस्ट फीमेल डेब्यू (तेलुगु) के लिए नामांकित किया गया।
इसके बाद, आकांक्षा ने तेलुगु फिल्म 'देवदास' में काम किया और कन्नड़ फिल्म 'पैलवान' में साउथ के सुपरस्टार किच्चा सुदीप के साथ स्क्रीन साझा की।
2022 में, अजय देवगन की फिल्म 'रनवे 34' में आकांक्षा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी उपस्थिति को और मजबूत किया। इसके अलावा, वह वेब सीरीज 'रंगबाज: डर की राजनीति' और 'मीट क्यूट' जैसे प्रोजेक्ट्स में भी सक्रिय रहीं।
आकांक्षा सिंह ने अपने करियर में विभिन्न प्रकार के किरदार निभाए हैं, जिसमें टीवी की भावुक भूमिकाएं और फिल्मों में विविधता शामिल है। उन्होंने हर किरदार को पूरी मेहनत और ईमानदारी से निभाया है।