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अविका गौर ने साझा किया अकेलेपन का अनुभव, क्या आप भी महसूस करते हैं ऐसा?

अविका गौर ने अपने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने अकेलेपन के अनुभव को बयां किया। उन्होंने बताया कि अकेलापन केवल शारीरिक रूप से अकेले रहने से नहीं होता, बल्कि कभी-कभी भीड़ में भी खुद को अकेला महसूस किया जा सकता है। अविका ने अपने करियर को प्राथमिकता देने के बाद दोस्त बनाने में आई कठिनाइयों के बारे में भी बात की। क्या आप भी कभी ऐसा महसूस करते हैं? जानें उनके विचार और अनुभव इस लेख में।
 

अविका गौर का अकेलेपन पर विचार


मुंबई, 14 जुलाई। टेलीविजन की चर्चित अभिनेत्री अविका गौर ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया पर अकेलेपन और अपने अस्तित्व के बारे में एक भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने बताया कि अकेलापन केवल शारीरिक रूप से अकेले रहने से नहीं होता, बल्कि कभी-कभी आप सैकड़ों लोगों के बीच होते हुए भी खुद को अकेला महसूस कर सकते हैं।


अविका ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक नोट में लिखा, "हाल के दिनों में मैंने यह महसूस किया है कि अकेलापन केवल कमरे में अकेले रहने का अनुभव नहीं है। कई बार हम भीड़ में होते हैं, फिर भी हमें परायापन और अकेलापन महसूस होता है। ऐसे समय में दोस्तों और करीबी रिश्तों के बीच संतुलन बनाना बहुत कठिन हो जाता है। चाहे आप कितनी भी कोशिश करें, लोग या तो समझते हैं कि आपको उनकी आवश्यकता नहीं है या फिर आपको जरूरत से ज्यादा जुड़ाव वाला मान लेते हैं।"


उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने अपने करियर को प्राथमिकता दी, लेकिन यह नहीं समझ पाईं कि समय के साथ बिना शर्त दोस्त बनाने में कितनी कठिनाई होती है। अविका ने लिखा, "मैंने अपना जीवन अपने करियर को बनाने में लगा दिया, लेकिन मुझे यह नहीं पता था कि समय के साथ ऐसे लोगों से मिलना कितना मुश्किल हो जाता है, जो बिना किसी स्वार्थ के आपके दोस्त बन सकें।"


अविका ने यह भी कहा, "कोई आपको नहीं बताता कि बड़े होने का मतलब केवल उम्र बढ़ना नहीं है। इसके साथ यह भी होता है कि ऐसे लोगों से मिलना कठिन हो जाता है, जो आपको उतनी ही अहमियत दें, जितनी आप उन्हें देते हैं। जब वे दोस्ती कर रहे थे, तब शायद आप तैयार नहीं थे, और अब जब आप लोगों को अपनाने के लिए तैयार हैं, तब तक अधिकांश लोगों का अपना दायरा बन चुका होता है। ऐसे में आप सभी को जानते हैं, लेकिन फिर भी कहीं भी अपने को नहीं पाते।"