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सुभाष घई ने एनीमेशन की दुनिया में रखा कदम, ग्रीन गोल्ड के साथ की साझेदारी!

फिल्म निर्देशक सुभाष घई ने एनीमेशन की दुनिया में कदम रखा है, अपनी कंपनी मुक्ता आर्ट्स के माध्यम से ग्रीन गोल्ड एनीमेशन प्राइवेट लिमिटेड के साथ साझेदारी की है। इस नई पहल के तहत, वे एनीमेशन फिल्में और सीरीज का निर्माण करेंगे। घई ने अपने इंस्टाग्राम पर इस साझेदारी की घोषणा की और भारतीय कहानियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की इच्छा व्यक्त की। जानें इस नई यात्रा के बारे में और कैसे यह भारतीय एनीमेशन उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकती है।
 

सुभाष घई का नया एनीमेशन सफर




मुंबई, 28 मार्च। प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक सुभाष घई ने अब प्रोडक्शन के क्षेत्र में एक नई दिशा में कदम रखा है। उनकी कंपनी मुक्ता आर्ट्स लिमिटेड ने एनीमेशन फिल्में बनाने के लिए ग्रीन गोल्ड एनीमेशन प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक महत्वपूर्ण साझेदारी की है। इस सहयोग के तहत, मुक्ता आर्ट्स की नई शाखा एसजीएम स्टूडियो ग्रीन गोल्ड के साथ मिलकर एनीमेशन फिल्में और सीरीज का निर्माण करेगी।


सुभाष घई ने अपने इंस्टाग्राम पर स्टूडियो का लोगो साझा करते हुए लिखा, "मुक्ता आर्ट्स अब वैश्विक सिनेमा के लिए एनीमेशन फिल्में बनाने के नए युग में प्रवेश कर रहा है। हमारी नई शाखा एसजीएम एनीमेशन स्टूडियो ग्रीन एनीमेशन प्राइवेट लिमिटेड के साथ काम करेगी।"


उन्होंने ग्रीन एनीमेशन प्राइवेट लिमिटेड की सराहना करते हुए कहा कि इस कंपनी ने 'छोटा भीम' जैसे कई सफल प्रोजेक्ट्स का निर्माण किया है। घई ने कहा, "हमें खुशी है कि हम अपनी भारतीय कहानियों को एनीमेशन के माध्यम से नई पीढ़ी और परिवारों तक पहुंचाएंगे। हमारे साथ अनुभवी राजीव चिलाका जैसे पार्टनर हैं।"


इस साझेदारी से भारतीय एनीमेशन उद्योग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचने की उम्मीद है। यह सुभाष घई के करियर का एक नया अध्याय है, जिसमें वे नए कलाकारों को अवसर देने के लिए जाने जाते हैं। अब वे एनीमेशन के माध्यम से अपनी फिल्मी धरोहर को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।


सुभाष घई ने पहले भी एनीमेशन और एआई के विषय में अपने विचार साझा किए हैं। एक कार्यक्रम में उन्होंने बताया था कि वे अपनी पहली एनीमेशन फिल्म 'कालीचरण' को पेश करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "इसकी कहानी बहुत दिलचस्प है और मुझे लगता है कि आज के बच्चों को इसे जानना चाहिए। यह फिल्म थिएटर में भी दिखाई जा सकती है और एनीमेशन के रूप में भी बनाई जा सकती है।"


उन्होंने यह भी कहा कि कहानी का मूल प्लॉट वही रहेगा, लेकिन कलाकार और प्रस्तुति का तरीका अलग होगा।