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सान्वी तलवार ने साझा की अपनी कहानी: महिलाओं को अपनी आवाज उठाने का दिया संदेश

अभिनेत्री सान्वी तलवार ने अपने करियर के एक विवादास्पद दौर को याद करते हुए महिलाओं को अपनी आवाज उठाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने बताया कि किसी भी संवेदनशील मुद्दे पर बात करने के लिए मानसिक तैयारी आवश्यक है। सान्वी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यदि कोई महिला अपने साथ हुए गलत अनुभव के बारे में बोलने में असमर्थ है, तो उसे बाद में भी अपनी कहानी बताने का हक है। उनका मानना है कि सही समय वही होता है, जब व्यक्ति खुद को मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत महसूस करे।
 

सान्वी तलवार का अनुभव और सीख


मुंबई, 26 जुलाई। अभिनेत्री सान्वी तलवार ने अपने करियर के एक कठिन समय को याद करते हुए अपनी सोच और उससे मिली सीख साझा की। उन्होंने बताया कि किसी संवेदनशील मुद्दे पर बात करने के लिए व्यक्ति का मानसिक रूप से तैयार होना आवश्यक है।


एक इंटरव्यू में सान्वी ने महिलाओं को यह संदेश दिया कि यदि उनके साथ कुछ गलत हुआ है और वे उस समय अपनी बात नहीं रख पाईं, तो उन्हें बाद में भी अपनी आवाज उठाने का हक है।


सान्वी ने टीवी शो 'ये कहां आ गए हम' में अभिनेता करण कुंद्रा के साथ काम किया था, जहां उन्होंने आरोप लगाया था कि करण ने उनकी सहमति के बिना उन्हें किस किया और थप्पड़ मारा। इस मामले में निर्माता एकता कपूर ने हस्तक्षेप किया था।


इस अनुभव पर बात करते हुए, सान्वी ने कहा कि उन्होंने सीखा है कि अपनी बात उसी समय रखनी चाहिए जब व्यक्ति खुद को इसके लिए तैयार महसूस करे।


उन्होंने कहा, 'पहले मैं अपनी बात केवल उन्हीं लोगों से साझा करती थी, जिनसे मुझे बात करना जरूरी लगता था। जब कोई निजी बात कई लोगों तक पहुंचती है, तो उसका अर्थ बदल सकता है। अब मैं अपनी बात खुलकर रखने में सहज महसूस करती हूं।'


सान्वी ने आगे कहा, 'अगर किसी को लगता है कि कोई बात सही है, तो उसे अपनी आवाज उठानी चाहिए। हर किसी का अपने अनुभव साझा करने का तरीका अलग होता है। सही समय वही होता है, जब व्यक्ति खुद को मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत महसूस करे।'


जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने इस मुद्दे पर इतने समय बाद बात क्यों की, तो सान्वी ने कहा कि हर महिला को अपनी सुविधा और तैयारी के अनुसार निर्णय लेना चाहिए।


उन्होंने कहा, 'अगर किसी महिला के साथ कुछ गलत हुआ है और वह उस समय अपनी बात नहीं रख पाई, तो इसका मतलब यह नहीं है कि अब बहुत देर हो चुकी है। जब भी वह खुद को तैयार महसूस करे, उसे अपनी कहानी बतानी चाहिए।'


अभिनेत्री ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा, 'अपनी बात रखना बेहद जरूरी है, लेकिन इसके लिए सही समय और मानसिक स्थिति का होना भी महत्वपूर्ण है। हर व्यक्ति को अपनी आवाज की अहमियत समझनी चाहिए।'