साउथ सिनेमा का जलवा: *दृश्यम 3* और *करुप्पु* ने बॉक्स ऑफिस पर मचाई धूम!
साउथ इंडियन सिनेमा का दबदबा
इस सप्ताह साउथ इंडियन सिनेमा ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी छाप छोड़ी है, जहां मोहनलाल और सूर्या के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। बुधवार को, मोहनलाल की सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म *दृश्यम 3* ने शानदार प्रदर्शन किया, जबकि सूर्या की एक्शन-ड्रामा *करुप्पु* भी पीछे नहीं रही। इस हफ्ते के मध्य में, *दृश्यम 3* ने रोजाना की कमाई में *करुप्पु* को मात दी है। दूसरी ओर, बॉलीवुड की रोमांटिक ड्रामा *चाँद मेरा दिल* बॉक्स ऑफिस पर अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रही है।
*दृश्यम 3* की सफलता
मोहनलाल की फिल्म *दृश्यम 3* को दर्शकों और समीक्षकों से बेहतरीन प्रतिक्रिया मिली है। रहस्यमय किरदार 'जॉर्जकुट्टी' ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है, जिसके चलते फिल्म ने बुधवार को 6.65 करोड़ रुपये की कमाई की। अब तक, फिल्म का कुल घरेलू नेट कलेक्शन 75.30 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है।
सूर्या की *करुप्पु* की मजबूती
सुपरस्टार सूर्या और तृषा कृष्णन की फिल्म *करुप्पु* बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए हुए है। रविवार को 14.45 करोड़ रुपये और सोमवार को 5.90 करोड़ रुपये कमाने के बाद, फिल्म ने बुधवार को भी 4.00 करोड़ रुपये का कारोबार किया। अब इसका कुल घरेलू नेट कलेक्शन 163.20 करोड़ रुपये के पार पहुँच गया है।
*चाँद मेरा दिल* का संघर्ष
22 मई, 2026 को रिलीज़ हुई रोमांटिक फिल्म *चाँद मेरा दिल*, जिसमें अनन्या पांडे और लक्ष्य लालवानी मुख्य भूमिका में हैं, अब बॉक्स ऑफिस पर सुस्त नजर आ रही है। बड़े प्रोडक्शन बैनर और प्रभावशाली PR कैंपेन के बावजूद, फिल्म ने बुधवार को केवल 1.90 करोड़ रुपये की कमाई की। रिलीज के छह दिनों में, इसका कुल कलेक्शन महज 15.35 करोड़ रुपये तक ही पहुँच पाया है।
कामकाजी दिनों में *दृश्यम 3* की सफलता
किसी भी फिल्म की असली परीक्षा हफ्ते के मध्य के दिनों में होती है। *दृश्यम 3* ने इस परीक्षा में सफलता प्राप्त की है, क्योंकि इसका सस्पेंस दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल रहा है, यहां तक कि कामकाजी दिनों में भी।
बॉलीवुड का कमजोर प्रदर्शन
वर्तमान रुझान यह दर्शाते हैं कि बॉक्स ऑफिस पर साउथ सिनेमा एक बार फिर से मजबूत स्थिति में है, जबकि बॉलीवुड संघर्ष कर रहा है। *करुप्पु* और *दृश्यम 3* जैसी फिल्में शानदार मुनाफा कमा रही हैं, जबकि हिंदी रोमांटिक ड्रामा फिल्में अपनी लागत निकालने में भी कठिनाई महसूस कर रही हैं।