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रुक्मिणी वसंत ने AI द्वारा बनाई गई फेक तस्वीरों पर उठाई आवाज़, क्या है मामला?

दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग की अभिनेत्री रुक्मिणी वसंत ने AI द्वारा निर्मित नकली तस्वीरों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे अपनी निजता का उल्लंघन बताया। रुक्मिणी ने स्पष्ट किया कि उनकी टीम ने कई एडिटेड तस्वीरें देखी हैं, जो उनके नाम से वायरल हो रही हैं। उन्होंने साइबर क्राइम अधिकारियों से संपर्क करने और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही। यह मामला AI तकनीक के दुरुपयोग पर सवाल उठाता है, और रुक्मिणी ने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि किए किसी भी तस्वीर या वीडियो को साझा न करें।
 

रुक्मिणी वसंत का कड़ा रुख


दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग की अभिनेत्री रुक्मिणी वसंत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा निर्मित नकली तस्वीरों और वीडियो के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर उन तस्वीरों के बारे में अपनी नाराजगी व्यक्त की, जो उनके नाम और पहचान का दुरुपयोग कर बनाई गई हैं। रुक्मिणी ने इसे उनकी व्यक्तिगत गोपनीयता का गंभीर उल्लंघन बताया।


शनिवार को, उन्होंने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर एक विस्तृत नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में उनके नाम से वायरल हो रही कई तस्वीरें पूरी तरह से फर्जी और AI द्वारा बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि इन तस्वीरों का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है और इन्हें जानबूझकर गलत तरीके से फैलाया जा रहा है।


AI का दुरुपयोग और कानूनी कार्रवाई

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अभिनेत्री ने कहा कि उनकी टीम ने सोशल मीडिया पर कई एडिटेड और AI-जनरेटेड तस्वीरें देखी हैं, जिनका दावा किया जा रहा है कि वे उनकी असली तस्वीरें हैं। उन्होंने इसे न केवल भ्रामक बताया, बल्कि किसी की पहचान के साथ गंभीर छेड़छाड़ भी कहा। रुक्मिणी ने इस तकनीक के दुरुपयोग को चिंताजनक बताया और कहा कि AI टूल्स का उपयोग करके किसी की छवि को बिना अनुमति के बदलना और फैलाना आसान हो गया है।


उन्होंने इसे 'गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार' करार देते हुए चेतावनी दी कि वे और उनकी टीम इस मामले में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं।


साइबर क्राइम अधिकारियों से संपर्क

रुक्मिणी ने यह भी स्पष्ट किया कि वे साइबर क्राइम अधिकारियों से संपर्क कर रही हैं और ऐसे कंटेंट को फैलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बिना पुष्टि किए किसी भी तस्वीर या वीडियो को साझा न करें, क्योंकि इससे गलत जानकारी फैलती है और संबंधित व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है।


यह मामला एक बार फिर AI तकनीक के दुरुपयोग पर सवाल उठाता है, जहां डीपफेक और एडिटेड कंटेंट तेजी से सोशल मीडिया पर फैल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में जागरूकता और सख्त साइबर कानूनों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।


रुक्मिणी ने अपने संदेश के अंत में कहा कि तकनीक का उपयोग रचनात्मक और सकारात्मक कार्यों के लिए होना चाहिए, न कि किसी की पहचान या निजी जीवन को नुकसान पहुंचाने के लिए। इस समय, यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां कई लोग अभिनेत्री के समर्थन में खड़े हैं और AI द्वारा निर्मित फेक कंटेंट पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।