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दक्षिण भारतीय सिनेमा की दिग्गज सौकार जानकी का निधन: फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर

दक्षिण भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री सौकार जानकी का 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से साउथ फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। जूनियर एनटीआर, विष्णु मांचू और प्रभुदेवा जैसे कई कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। जानकी ने अपने करियर में लगभग 400 फिल्मों में काम किया और भारतीय सिनेमा के कई युगों को देखा। उनके योगदान को भारत सरकार ने 2022 में पद्मश्री से सम्मानित कर मान्यता दी थी।
 

दिग्गज अभिनेत्री का निधन


मुंबई, 21 अगस्त। तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम सिनेमा में सात दशकों से अधिक का अनुभव रखने वाली प्रसिद्ध अभिनेत्री सौकार जानकी का शुक्रवार को 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर ने साउथ फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर पैदा कर दी है। कई कलाकारों, जैसे जूनियर एनटीआर, विष्णु मांचू और अभिनेता-निर्देशक प्रभुदेवा ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।


सौकार जानकी का जन्म शंकरमंची जानकी के नाम से हुआ था। हाल के दिनों में उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ गई थी, जिसके चलते उन्हें चेन्नई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।


शुक्रवार को दोपहर लगभग 1:59 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही सिनेमा जगत के लोगों ने सोशल मीडिया पर उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और उनके लंबे फिल्मी करियर को याद किया।


जूनियर एनटीआर ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर तेलुगु में एक भावुक संदेश साझा किया, जिसमें लिखा, ''सौकार जानकी ने तेलुगु और भारतीय सिनेमा में एक विशेष पहचान बनाई थी। उनका निधन अत्यंत दुखद है। उनका फिल्मी सफर और उनके निभाए किरदार हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें।''


विष्णु मांचू ने भी सौकार जानकी को याद करते हुए लिखा, ''उनके निधन से मैं बहुत दुखी हूं। उनकी गरिमा, व्यक्तित्व और अद्भुत कार्य हमेशा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे। आज के युवाओं को उनकी फिल्मों को देखना चाहिए और समझना चाहिए कि वह कितनी महान कलाकार थीं। उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।''


अभिनेता और निर्देशक प्रभुदेवा ने भी सोशल मीडिया पर उनके निधन पर श्रद्धांजलि दी।


सौकार जानकी का फिल्मी सफर बेहद समृद्ध और महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने लगभग 400 फिल्मों में काम किया और विभिन्न भाषाओं में अपनी पहचान बनाई। अपने सात दशकों के करियर में, उन्होंने कई प्रकार के किरदार निभाए और भारतीय सिनेमा के विभिन्न युगों को देखा।


उनके योगदान को देश ने भी सराहा। भारतीय सिनेमा और कला के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 2022 में पद्मश्री से सम्मानित किया था।