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क्या है गुजराती फिल्म 'लालो–कृष्ण सदा सहायताते' की सफलता का राज? जानें इस ब्लॉकबस्टर की कहानी!

गुजराती फिल्म 'लालो–कृष्ण सदा सहायताते' ने 100 करोड़ रुपये की कमाई कर एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। अभिनेता प्रतीक गांधी ने इस सफलता पर गर्व जताया और इसे क्षेत्रीय सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। फिल्म की कहानी एक रिक्शा चालक की है, जो भगवान कृष्ण के दर्शन के बाद आत्म-खोज की यात्रा पर निकलता है। जानें इस फिल्म की सफलता का राज और इसके दिल को छूने वाले संदेश के बारे में।
 

गुजराती सिनेमा की नई ऊंचाई


नई दिल्ली, 6 मार्च। साल 2025 में रिलीज हुई गुजराती फिल्म 'लालो–कृष्ण सदा सहायताते' ने विश्व स्तर पर 100 करोड़ रुपये की कमाई कर गुजराती सिनेमा में एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। यह फिल्म अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली गुजराती फिल्म बन गई है। इस उपलब्धि पर अभिनेता प्रतीक गांधी ने अपनी खुशी व्यक्त की।


प्रतीक गांधी ने इस फिल्म की सफलता को गुजराती सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा, "लालो का 100 करोड़ का आंकड़ा पार करना हमारे लिए गर्व का क्षण है। यह पूरी टीम की मेहनत का परिणाम है। जब हमने फिल्म की शुरुआत की थी, तो हमें नहीं पता था कि यह सफल होगी या नहीं, लेकिन हमारी मेहनत और ईमानदारी ने हमें यह सफलता दिलाई।"


सोनी लाइव पर अब यह फिल्म गुजराती और हिंदी दोनों भाषाओं में स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है। प्रतीक ने इस पर खुशी जताते हुए कहा, "मुझे खुशी है कि अब और अधिक दर्शक इसे देख सकेंगे। उम्मीद है कि इसकी सरल और दिल को छूने वाली कहानी सभी तक पहुंचेगी।"


यह भक्ति आधारित फिल्म अक्टूबर 2025 में रिलीज हुई थी। शुरुआत में यह एक छोटे बजट की फिल्म थी, लेकिन जल्दी ही यह एक बड़ी हिट बन गई। इसने विश्व स्तर पर 120 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की, जिसमें भारत में लगभग 97 करोड़ और विदेशों में 7.5 करोड़ रुपये शामिल हैं।


फिल्म की कहानी एक रिक्शा चालक की है, जो एक फार्महाउस में फंस जाता है। वहां भगवान कृष्ण के दर्शन होते हैं, जो उसे अपने पुराने बुरे सपनों का सामना करने और आत्म-खोज की यात्रा पर ले जाते हैं। यह कहानी भक्ति, आत्म-खोज और परिवर्तन की है, जिसने दर्शकों के दिलों को छू लिया।


फिल्म में मुख्य भूमिका रीवा राछ ने निभाई है, जबकि करण जोशी और मिष्टी कडेचा जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। इसका निर्देशन अंकित सखिया ने किया है, और लेखन का कार्य कृष्णांश वाजा, विक्की पूर्णिमा और अंकित सखिया ने मिलकर किया है। प्रोडक्शन में मैनिफेस्ट फिल्म्स, जय व्यास प्रोडक्शंस और अजय बलवंत पडारिया शामिल हैं।