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क्या जम्मू-कश्मीर का फिल्म उद्योग फिर से चमकेगा? जानें सीआईआई के महोत्सव की खास बातें!

जम्मू-कश्मीर में सीआईआई द्वारा आयोजित फिल्म महोत्सव ने स्थानीय फिल्म उद्योग को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस कार्यक्रम में कई प्रमुख कलाकारों ने भाग लिया और फिल्म निर्माण के भविष्य पर चर्चा की। कुसुम टिक्कू और आशीष निझावन जैसे कलाकारों ने क्षेत्रीय फिल्म उद्योग की चुनौतियों और संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। क्या यह महोत्सव जम्मू-कश्मीर के फिल्म उद्योग को नई ऊर्जा देगा? जानें इस लेख में!
 

जम्मू-कश्मीर फिल्म महोत्सव का आयोजन




जम्मू, 12 जनवरी। जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश परिषद (सीआईआई) ने भारतीय सिनेमा के केंद्र के रूप में जम्मू-कश्मीर को पुनर्जीवित करने के लिए जम्मू-कश्मीर फिल्म महोत्सव का आयोजन किया।


इस कार्यक्रम में कई प्रमुख कलाकारों ने भाग लिया, जिनमें अभिनेत्री कुसुम टिक्कू, अभिनेता और फिल्म निर्माता आशीष निझावन, और फिल्म निर्माता अतुल विनोद दुग्गल शामिल थे। इस महोत्सव में फिल्म निर्माण के भविष्य, स्थानीय कहानियों को बढ़ावा देने और कुशलता से फिल्मों के निर्माण पर चर्चा की गई।


कुसुम टिक्कू ने बातचीत में कहा कि यह पहला अवसर है जब फिल्म निर्माण पर चर्चा करने का मंच मिला है। निर्माताओं और सरकारी प्रतिनिधियों के बीच संवाद हुआ है, लेकिन इसके परिणाम का पता भविष्य में चलेगा।


उन्होंने यह भी बताया कि जम्मू-कश्मीर में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार को नई नीतियों की आवश्यकता है। क्षेत्रीय फिल्मों को दर्शकों के बीच लोकप्रिय बनाने में समय लगता है।


फिल्म निर्माता आशीष निझावन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर फिल्म उद्योग की स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि यहां कोई वित्तीय या नैतिक समर्थन नहीं है। इस मंच के माध्यम से कलाकारों और सरकार के बीच पहली बार संवाद हुआ है, और हमें उम्मीद है कि इससे सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।


आशीष ने साउथ इंडस्ट्री के विकास पर भी चर्चा की, यह बताते हुए कि वहां के मुख्यमंत्री पहले से ही सिनेमा से जुड़े थे और उन्होंने क्षेत्रीय उद्योग को समर्थन दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि जम्मू-कश्मीर में भी एक नई शुरुआत होगी।