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क्या ए.आर. रहमान के बयान ने बॉलीवुड में सांप्रदायिकता का पर्दाफाश किया?

ऑस्कर विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान ने हाल ही में बॉलीवुड में सांप्रदायिक भेदभाव का आरोप लगाया है, जिसके बाद महबूबा मुफ्ती और जावेद अख्तर ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएँ दी हैं। रहमान का कहना है कि उन्हें पिछले आठ वर्षों में कम अवसर मिले हैं, जबकि अख्तर ने इस दावे को खारिज किया है। मुफ्ती ने बॉलीवुड की सामाजिक विविधता पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे अनुभवों को नकारना आज के भारत की असमानताओं को नहीं बदल सकता। जानें इस विवाद के सभी पहलुओं के बारे में।
 

ए.आर. रहमान का विवादास्पद बयान


मुंबई, 18 जनवरी। ऑस्कर पुरस्कार विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान हाल ही में अपने एक बयान के कारण चर्चा में हैं, जिसमें उन्होंने बॉलीवुड में सांप्रदायिक भेदभाव का आरोप लगाया। रहमान ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में उन्हें इस इंडस्ट्री में कम मौके मिले हैं, और इसके पीछे सांप्रदायिक प्रवृत्तियों का हाथ हो सकता है। इस मुद्दे पर जम्मू और कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अपनी राय व्यक्त की है।


गीतकार जावेद अख्तर ने रहमान के विचारों से असहमति जताते हुए कहा कि उन्हें बॉलीवुड में काफी सम्मान मिला है।


महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''जब जावेद अख्तर ए.आर. रहमान की चिंताओं को खारिज करते हैं, तो वे भारतीय मुसलमानों की वास्तविकताओं के साथ विरोधाभास उत्पन्न करते हैं।''


उन्होंने जावेद अख्तर की पत्नी शबाना आजमी का उदाहरण देते हुए कहा कि शबाना को मुस्लिम होने के कारण मुंबई जैसे समावेशी शहर में घर नहीं मिला।


महबूबा ने आगे कहा, ''बॉलीवुड हमेशा से एक जीवंत 'मिनी इंडिया' रहा है, जो देश की सामाजिक विविधता को दर्शाता है। ऐसे अनुभवों को नकारना आज के भारत में मौजूद असमानताओं को नहीं बदल सकता।''


जावेद अख्तर ने रहमान के दावे को खारिज करते हुए कहा, ''मैंने कभी ऐसा नहीं महसूस किया। रहमान को बहुत सम्मान मिलता है और वह व्यस्त रहते हैं, इसलिए प्रोड्यूसर्स उनसे संपर्क करने में हिचकिचाते हैं। इसमें कोई सांप्रदायिक पहलू नहीं है।''