कर्नाटक की महान गायिका एमएस सुब्बुलक्ष्मी की 110वीं जयंती पर भावुक समारोह
भावुक समारोह का आयोजन
बेंगलुरु में कर्नाटक की प्रसिद्ध गायिका एमएस सुब्बुलक्ष्मी की 110वीं जयंती के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस समारोह में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की आंखों में आंसू आ गए, जब उन्होंने सुब्बुलक्ष्मी की रचनाएं सुनीं। संगीत प्रेमियों ने भी इस महान गायिका के योगदान को याद किया।
चौडैया मेमोरियल हॉल में कार्यक्रम
इस विशेष संगीत कार्यक्रम का आयोजन बेंगलुरु के चौडैया मेमोरियल हॉल में किया गया, जहां निर्मला सीतारमण मुख्य अतिथि थीं। इस समारोह में संगीत प्रेमियों और कला जगत के कई लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में सुब्बुलक्ष्मी की संगीत विरासत और भारतीय शास्त्रीय संगीत में उनके योगदान को याद किया गया।
परपोती का विशेष योगदान
इस समारोह का एक खास आकर्षण एमएस सुब्बुलक्ष्मी की परपोती एस ऐश्वर्या और एस सौंदर्या की प्रस्तुति थी। दोनों ने अपनी परदादी की संगीत परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उनकी कुछ रचनाएं प्रस्तुत कीं, जिससे समारोह में उपस्थित लोग भावुक हो गए। निर्मला सीतारमण की आंखों में आंसू आ गए, जो इस कार्यक्रम के संवेदनशील माहौल को और भी गहरा बना गया।
भारत रत्न से सम्मानित सुब्बुलक्ष्मी
एमएस सुब्बुलक्ष्मी का जन्म 16 सितंबर 1916 को तमिलनाडु के मदुरै में हुआ। उन्होंने कर्नाटक शास्त्रीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी अद्वितीय आवाज और गायन शैली के कारण वे भारत की सबसे प्रतिष्ठित गायिकाओं में से एक मानी जाती हैं। उन्हें 1998 में भारत रत्न जैसे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया।
संगीत की अमिट विरासत
एमएस सुब्बुलक्ष्मी केवल एक महान गायिका नहीं, बल्कि भारतीय शास्त्रीय संगीत की एक ऐसी शख्सियत थीं, जिनकी कला ने कई पीढ़ियों को प्रेरित किया। उनकी संगीत परंपरा आज भी उनके परिवार और शिष्यों के माध्यम से जीवित है। बेंगलुरु में आयोजित 110वीं जयंती का यह समारोह उनकी विरासत को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर था।