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अनुराग कश्यप की टिप्पणी पर संतोष दवाखर का जवाब: 'गोंधल' को देखने की अपील

निर्देशक संतोष दवाखर ने फिल्म 'गोंधल' पर अनुराग कश्यप की टिप्पणी का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि फिल्म को देखने से पहले किसी पर निर्णय नहीं लेना चाहिए। दवाखर ने फिल्म की विशेषताओं और ऑस्कर में भारत के प्रतिनिधित्व की जिम्मेदारी पर भी बात की। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और दवाखर की अपील।
 

संतोष दवाखर की प्रतिक्रिया




मुंबई, 23 सितंबर। ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि बनी मराठी फिल्म 'गोंधल' के निर्देशक संतोष दवाखर ने फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप की उस टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत अक्सर ऑस्कर के लिए 'गलत फिल्मों' का चयन करता है।




दवाखर ने सोशल मीडिया पर साझा किया कि वह अनुराग कश्यप की फिल्म निर्माण शैली का बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने बताया कि 26 अप्रैल को बेंगलुरु से मुंबई की उड़ान के दौरान उन्होंने कश्यप को 'गोंधल' के बारे में बताया था। उस समय कश्यप ने कहा था कि उन्होंने फिल्म के बारे में न तो सुना है और न ही देखा है, लेकिन वह इसे देखने का इरादा रखते हैं।




दवाखर ने यह भी कहा कि तब से अब तक फिल्म न तो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हुई है और न ही मुंबई में इसकी स्क्रीनिंग हुई है। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि किसी फिल्म पर निर्णय लेने से पहले उसे अवश्य देखें।




उन्होंने कहा कि 'गोंधल' एक मनोवैज्ञानिक थ्रिलर है, जिसे एक नए निर्देशक ने बनाया है और इसमें मराठी संस्कृति को वैश्विक दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है। यह फिल्म विशेष रूप से बड़े पर्दे के लिए बनाई गई है, ओटीटी प्लेटफार्मों के लिए नहीं।




निर्देशक ने कहा कि ऑस्कर जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना एक बड़ी जिम्मेदारी है और उनकी टीम इस जिम्मेदारी को गंभीरता से लेगी। उन्होंने दर्शकों से फिल्म के आगामी री-रिलीज के दौरान सिनेमाघरों में जाकर इसे देखने और समर्थन देने की अपील की।




हाल ही में, अनुराग कश्यप ने एक मीडिया बातचीत में कहा था कि भारत ऑस्कर जैसे बड़े पुरस्कारों में इसलिए पीछे रह जाता है क्योंकि चयन प्रक्रिया में अक्सर गलत फिल्मों का चयन किया जाता है। उन्होंने 'द लंचबॉक्स' और 'ऑल वी इमेजिन ऐज लाइट' जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे मौकों पर सही निर्णय नहीं लिया गया।




अनुराग कश्यप ने यह भी कहा था कि ऑस्कर के लिए चयनित फिल्म का किसी अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में प्रदर्शन होना चाहिए या अमेरिका में उसका वितरण होना चाहिए। उन्होंने 'गोंधल' को सलाह दी थी कि वह पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में अपनी पहचान बनाए।