अदिवी शेष ने 'डकैत' फिल्म के प्रमोशन में साझा की दिल की बातें
अदिवी शेष का अनुभव और तेलुगु सिनेमा की विशेषताएँ
मुंबई, 29 मार्च। अभिनेता और निर्देशक अदिवी शेष ने अपनी नई फिल्म 'डकैत' के रिलीज से पहले अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि एक अभिनेता और कहानीकार के रूप में उन्हें क्या चीजें जमीन से जोड़े रखती हैं।
अदिवी शेष ने एक इंटरव्यू में कहा कि जब वह अपनी फिल्मों की कहानी अन्य कलाकारों को सुनाते हैं और उनके लिए शूटिंग की तारीखें तय करते हैं, तो यह उनके लिए एक विनम्र अनुभव होता है।
उन्होंने कहा, “जब आप उन कलाकारों को अपनी फिल्म की कहानी सुनाते हैं, जो कभी-कभी केवल एक या दो दिन के लिए काम करते हैं, तो यह अनुभव आपको विनम्र बनाता है। आपको उनके पीछे-पीछे जाना पड़ता है, उन्हें फोन करके उनकी तारीखें लेनी पड़ती हैं, चाहे उनका रोल सिर्फ दो दिन का ही क्यों न हो। ऐसे में आप सामने बैठकर उन्हें कहानी समझाते हैं और कई बार वे कहते हैं कि उनके पास समय नहीं है।”
अदिवी ने आगे कहा, “इस कारण मुझे कभी ऐसा मौका नहीं मिला कि मैं अपनी वैनिटी वैन में बैठकर कह सकूं कि जब चाहो बता देना। मुझे ऐसा करने का अवसर कभी नहीं मिला।”
इससे पहले, उन्होंने तेलुगु सिनेमा की ताकत के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारत के अन्य फिल्म उद्योगों की तुलना में, तेलुगु सिनेमा का एक मजबूत भावनात्मक आधार है, क्योंकि इस पर अभी भी कॉर्पोरेट्स का प्रभाव नहीं है।
जब उनसे पूछा गया कि तेलुगु सिनेमा को अन्य उद्योगों से क्या अलग बनाता है, तो उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह भावनात्मक जुड़ाव है। मैं आपको बताता हूं कि मेरा इससे क्या मतलब है। तेलुगू सिनेमा आज भी व्यक्तिगत प्रोड्यूसर्स द्वारा ही निर्मित होता है। हो सकता है किसी ने अपना घर गिरवी रखकर फिल्म प्रोड्यूस की हो, या किसी ने जमीन का टुकड़ा बेचकर। ये वही लोग हैं जो हमारी 300, 400, 500 करोड़ रुपए की फिल्में भी प्रोड्यूस कर रहे हैं।"
अदिवी शेष अपनी आगामी फिल्म 'डकैत' के प्रमोशन में व्यस्त हैं, जो 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इस फिल्म का निर्देशन शेनिल देव ने किया है और इसमें मृणाल ठाकुर, प्रकाश राज, सुनील, अतुल कुलकर्णी, जैन मैरी खान, कामाक्षी भास्कर और अनुराग कश्यप जैसे कलाकार शामिल हैं।
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डीसीएच/एएस