सौरव गांगुली को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका, फिल्म 'दूसरा' पर रोक लगाने की याचिका खारिज
दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर। पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली को दिल्ली हाई कोर्ट से निराशा का सामना करना पड़ा है। गांगुली ने शुक्रवार को रिलीज होने वाली फिल्म 'दूसरा' पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका को अस्वीकार कर दिया। मामले की अगली सुनवाई इसी शुक्रवार को होगी।
गांगुली का आरोप
गांगुली का कहना है कि फिल्म में उनके नेतृत्व, 2002 की नेटवेस्ट सीरीज के फाइनल और लॉर्ड्स में शर्ट उतारकर जश्न मनाने की घटना का उल्लेख करते हुए उनके व्यक्तित्व और वाणिज्यिक अधिकारों का उल्लंघन किया गया है। इन अधिकारों की रक्षा के लिए उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट की टिप्पणी
जस्टिस दिनेश भट्ट की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि 'बैलेंस ऑफ कन्वीनियंस' फिल्म निर्माताओं के पक्ष में है, जिसमें एक मध्यम वर्गीय राजस्थानी लड़की की कहानी दिखाई गई है, जो गांगुली से जुड़े खेल आयोजनों से प्रेरित है।
अगली सुनवाई
पीठ ने कहा, "फिल्म शुक्रवार को रिलीज होने वाली है और पहली नजर में 'सुविधा का संतुलन' आपके पक्ष में नहीं दिखता। आपके कुछ महत्वपूर्ण अधिकार हो सकते हैं, लेकिन हम फिल्म की रिलीज पर रोक नहीं लगाएंगे।" अगली सुनवाई शुक्रवार को निर्धारित की गई है।
फिल्म निर्माताओं का पक्ष
फिल्म निर्माताओं की ओर से पेश वकील ने अदालत में कहा कि 'दूसरा' कोई बायोपिक नहीं है और उन्होंने गांगुली से संबंधित वीडियो क्लिप्स के उपयोग के लिए आवश्यक अनुमति पहले ही प्राप्त कर ली थी।
गांगुली के वकील का तर्क
हालांकि, गांगुली के वकील ने अदालत को बताया कि फिल्म उनके मुवक्किल के व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन कर सकती है। उन्होंने कहा कि फिल्म के निर्माण के लिए गांगुली से न तो कोई लाइसेंस लिया गया और न ही उनकी मंजूरी प्राप्त की गई।
फिल्म का प्रचार
वकील ने यह भी कहा कि गांगुली के जीवन पर आधारित एक बायोपिक पहले से निर्माणाधीन है और फिल्म का प्रचार सौरव गांगुली के नाम पर किया जा रहा है।
निर्माताओं का जवाब
फिल्म निर्माताओं के वकील ने अदालत में कहा कि 2002 की नेटवेस्ट वनडे सीरीज की वीडियो क्लिप्स के आधार पर कोई खिलाड़ी अपने 'व्यक्तित्व के अधिकार' का दावा नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी कहा कि वादियों ने अभी तक फिल्म देखी नहीं है और उनकी आपत्तियां केवल अनुमानों पर आधारित हैं।