×

रोहित सराफ की नई सीरीज 'द रेवोल्यूशनरीज': क्या है हिंसा पर उनका नजरिया?

अभिनेता रोहित सराफ अपनी नई सीरीज 'द रेवोल्यूशनरीज' में स्वतंत्रता सेनानी सचिंद्र नाथ सान्याल का किरदार निभा रहे हैं। इस सीरीज में वह हिंसा के मुद्दे पर अपने विचार साझा करते हैं, बताते हैं कि कैसे समय के साथ उनकी सोच में बदलाव आया। जानें इस दिलचस्प कहानी के बारे में और कैसे यह आज के संदर्भ में प्रासंगिक है।
 

रोहित सराफ का नया किरदार और हिंसा पर विचार




मुंबई, 16 सितंबर। अभिनेता रोहित सराफ इन दिनों अपनी नई वेब सीरीज 'द रेवोल्यूशनरीज' के लिए चर्चा का विषय बने हुए हैं। इस सीरीज में वह स्वतंत्रता सेनानी सचिंद्र नाथ सान्याल का किरदार निभा रहे हैं। यह कहानी उन क्रांतिकारियों की है, जो ब्रिटिश शासन को समाप्त करने के लिए हथियार उठाने के पक्षधर थे।


इस किरदार और उस समय की सोच पर चर्चा करते हुए, रोहित ने समाज में बदलाव लाने के लिए हिंसा के उपयोग पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में वह हिंसा को किसी भी रूप में सही नहीं मानते।


जब प्रमोशन के दौरान उनसे पूछा गया कि समाज में सुधार की लड़ाई और हिंसा के बीच क्या संबंध है, तो उन्होंने अपने व्यक्तिगत विचार और किरदार की सोच में अंतर बताया।


रोहित ने कहा, ''मैं हिंसा में विश्वास नहीं रखता। हालांकि, जिस समय की कहानी इस सीरीज में दिखाई गई है, वह आज के समय से बहुत भिन्न थी। उस समय महात्मा गांधी का आगमन बाद में हुआ था और क्रांतिकारियों के पास संघर्ष के तरीके अलग थे। उन्हें हथियार प्राप्त करने में कठिनाई होती थी, कई बार तो उन्हें खुद हथियार बनाने पड़ते थे।''


उन्होंने आगे कहा, ''आज हम 21वीं सदी में हैं और समय बहुत बदल चुका है। मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे अपने जीवन में किसी चीज को पाने के लिए हिंसा का सहारा नहीं लेना पड़ा। मुझे बहुत कुछ मिला है, इसलिए मुझे उस तरह विद्रोह करने की आवश्यकता नहीं पड़ी, जैसी उस समय के क्रांतिकारियों को करनी पड़ी थी।''


सचिंद्र नाथ सान्याल के दृष्टिकोण को समझाते हुए, रोहित ने कहा, ''सचिन के सामने की परिस्थितियां बिल्कुल अलग थीं। वह रास बिहारी बोस को अपने आदर्श मानते थे और उनके जैसा बनना चाहते थे। सचिन को लगता था कि उनका परिवार स्वतंत्रता संग्राम में पर्याप्त योगदान नहीं दे रहा है, क्योंकि वे पर्दे के पीछे काम कर रहे थे। उनके लिए क्रांति में असली योगदान का मतलब था जमीन पर उतरकर काम करना।''


रोहित ने कहा, ''सीरीज में मेरे किरदार की पूरी यात्रा दिखाई गई है। इसमें यह भी दिखाया गया है कि कैसे सचिन धीरे-धीरे अहिंसा की अहमियत को समझने लगता है। यही बदलाव कहानी को दिलचस्प बनाता है, क्योंकि किरदार सिर्फ एक विचार पर अडिग नहीं रहता, बल्कि परिस्थितियों और अनुभवों के साथ उसकी सोच में भी परिवर्तन आता है।''


'द रेवोल्यूशनरीज' का निर्माण मोनिशा आडवाणी और मधु भोजवानी ने एम्मे एंटरटेनमेंट के बैनर तले किया है। इसकी कहानी संजीव सान्याल ने लिखी है। यह सीरीज प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है।