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महवश की नई वेब सीरीज 'सतरंगी: बदले का खेल' में जाति-आधारित भेदभाव का सामना

महवश की नई वेब सीरीज 'सतरंगी: बदले का खेल' में उत्तर भारत की लोक कला और जाति-आधारित भेदभाव जैसे गंभीर मुद्दों को उठाया गया है। अभिनेत्री ने बताया कि यह कहानी केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश भी देती है। महवश ने अपने किरदार के माध्यम से पहचान और आत्म-सम्मान की लड़ाई को दर्शाने का प्रयास किया है। इस सीरीज में उनके किरदार की जटिलता और संघर्ष को भी दिखाया गया है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करेगा।
 

महवश की नई वेब सीरीज का अनावरण


मुंबई, 15 मई। अभिनेत्री महवश अपनी नई वेब सीरीज 'सतरंगी: बदले का खेल' के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि इस सीरीज में उत्तर भारत की पारंपरिक कला 'लौंडा नाच' और जाति-आधारित भेदभाव जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया गया है।


महवश ने एक इंटरव्यू में कहा कि जब उन्होंने स्क्रिप्ट सुनी, तो उन्होंने तुरंत इस प्रोजेक्ट के लिए हां कर दी। उन्होंने कहा, "यह कहानी केवल मनोरंजन नहीं है, बल्कि एक सामाजिक संदेश भी देती है। उत्तर प्रदेश में पली-बढ़ी होने के नाते, मैंने अपने आस-पास की सच्चाइयों को देखा है। इस दुनिया का हिस्सा बनना मेरे लिए एक महत्वपूर्ण अवसर था। मेरे किरदार में कई भावनात्मक परतें हैं, और एक अभिनेता के लिए ऐसी जटिलता हमेशा रोमांचक होती है।"


सीरीज के ट्रेलर से स्पष्ट है कि इसकी कहानी पहचान और आत्म-सम्मान की लड़ाई पर केंद्रित है, न कि केवल बदले पर। महवश ने बताया कि आज भी समाज में कई लोग अपने टाइटल के आधार पर जज किए जाते हैं। जाति आधारित हिंसा आज भी हमारे चारों ओर मौजूद है। हम इस सीरीज के माध्यम से यह दिखाना चाहते थे कि इंसान की जिन चीजों पर कोई नियंत्रण नहीं होता, उनके कारण लोगों को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यह निश्चित रूप से पहचान और न्याय की लड़ाई है, और मुझे उम्मीद है कि अंततः समाज इस लड़ाई को जीत लेगा।


महवश ने सीरीज में एक प्रभावशाली परिवार की ग्रामीण लड़की का किरदार निभाया है, जो अपने परिवार द्वारा किए जा रहे अत्याचारों और जाति व्यवस्था के खिलाफ खड़ी होती है। उन्होंने कहा, "सच कहूं तो मुझे यह किरदार निभाने में कोई कठिनाई नहीं हुई, क्योंकि मैंने दोनों तरह की जिंदगी जी है। 'प्यार पैसा प्रॉफिट' ने मेरे मुंबई के पहलू को दिखाया, जबकि 'सतरंगी' मेरे अलीगढ़ की जड़ों को उजागर करती है।"


महवश ने यह भी साझा किया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने कई ऑडिशन दिए और कई बार रिजेक्ट भी हुईं। उन्होंने कहा, "इस स्तर तक पहुंचना अपने आप में चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि आपको अवसर मिलने से पहले अनगिनत ऑडिशन और रिजेक्शन का सामना करना पड़ता है। आप रिजेक्शन से सीखते हैं और धीरे-धीरे अपनी कला को समझते हैं। डिजिटल कंटेंट के लिए एक्टिंग करना और गहरे जज्बाती किरदार निभाना, ये दो अलग-अलग दुनियाएं नहीं हैं। अगर आपको सच में एक्टिंग आती है, तो यह बदलाव अपने आप हो जाता है।"