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क्या है 'द पिरामिड स्कीम' की कहानी? जानें कैसे बनते हैं लोग ठगी का शिकार!

डायरेक्टर श्रेयांश पांडे की नई वेब सीरीज 'द पिरामिड स्कीम' उन लाखों लोगों की कहानी बयां करती है, जो पोंजी स्कीमों का शिकार हुए हैं। इस शो में दिखाया गया है कि कैसे लोग जल्दी अमीर बनने के सपने में अपनी मेहनत की कमाई गंवा देते हैं। श्रेयांश ने बताया कि इस विषय पर रिसर्च करते समय उन्हें कई वास्तविक घटनाओं का सामना करना पड़ा। यह कहानी दर्शकों को व्यक्तिगत स्तर पर जोड़ने की क्षमता रखती है। जानें इस सीरीज के बारे में और कैसे यह समाज में घटित घटनाओं का प्रतिबिंब है।
 

पिरामिड स्कीम पर आधारित नई वेब सीरीज


मुंबई, 7 जून। वर्तमान समय में तेजी से अमीर बनने के सपने दिखाने वाली योजनाओं का जाल पूरे देश में फैला हुआ है। हर साल हजारों लोग इन वादों के जाल में फंसकर अपनी मेहनत की कमाई खो देते हैं। इसी विषय पर डायरेक्टर श्रेयांश पांडे एक नई वेब सीरीज 'द पिरामिड स्कीम' लेकर आए हैं।


प्रमोशन के दौरान श्रेयांश ने बताया कि यह कहानी उन लाखों लोगों की है, जो किसी न किसी तरीके से पोंजी या पिरामिड स्कीम का शिकार बने हैं।


उन्होंने कहा, ''पिछले 20 वर्षों में देश में 5000 से अधिक ऐसी कंपनियां सामने आई हैं, जिन्होंने लोगों को बड़े सपने दिखाकर निवेश कराया और फिर करोड़ों रुपए लेकर गायब हो गईं। 5 करोड़ से ज्यादा लोग इन स्कीमों का शिकार हो चुके हैं। यह केवल रिपोर्ट किए गए मामलों की संख्या है, असली आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है, क्योंकि कई लोग अपनी ठगी की कहानी दर्ज नहीं करवाते।''


श्रेयांश ने आगे कहा, ''जब कोई व्यक्ति ऐसी स्कीम में अपना पैसा खो देता है, तो वह केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी टूट जाता है। लोग सोचते हैं कि उन्होंने गलती की है, इसलिए वे पुलिस या प्रशासन के पास जाने से कतराते हैं। कई लोग तो अपने परिवार और दोस्तों को भी नहीं बताते कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। शर्म और सामाजिक दबाव के कारण हजारों मामले सामने नहीं आ पाते। यही वजह है कि इस विषय पर शोध करते समय हमारी टीम को गहराई में जाकर काम करना पड़ा।''


उन्होंने बताया, ''इस कहानी का सफर 2011 में शुरू हुआ था। उस समय मेरे मन में इस विषय को लेकर एक विचार आया था, लेकिन इसे पूरी तरह समझना और सही तरीके से प्रस्तुत करना आसान नहीं था। लगातार रिसर्च, लोगों से बातचीत और वास्तविक घटनाओं का अध्ययन करने के बाद मुझे वह दृष्टिकोण मिला, जिसकी मदद से इस शो को बनाया जा सका।''


श्रेयांश ने कहा, ''पिरामिड स्कीम का प्रभाव इतना व्यापक है कि जब भी वे किसी नए व्यक्ति से इस विषय पर चर्चा करते हैं, तो लगभग हर किसी के पास इससे जुड़ा कोई न कोई अनुभव होता है। यह एक ऐसा मुद्दा है जिसने लाखों परिवारों को सीधे या परोक्ष रूप से प्रभावित किया है। यही कारण है कि यह कहानी लोगों को व्यक्तिगत स्तर पर जोड़ने की क्षमता रखती है।''


उन्होंने कहा, ''इस विषय की सबसे बड़ी ताकत इसकी वास्तविकता है। यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं है, बल्कि उन घटनाओं का प्रतिबिंब है जो समाज में घटित होती रही हैं। इसलिए जब दर्शक इस सीरीज को देखेंगे, तो उन्हें कई ऐसे किरदार और परिस्थितियां दिखाई देंगी जिनसे वे खुद को जोड़ पाएंगे।''


'द वायरल फीवर' द्वारा निर्मित यह सीरीज प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है।