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क्या अमेरिकी सरकार का 100% टैरिफ भारतीय फिल्मों के लिए खतरा है? राजकुमार हिरानी का बयान

कोलकाता में चल रहे एमसीसीआई सम्मेलन में फिल्म निर्माता राजकुमार हिरानी ने अमेरिकी सरकार द्वारा विदेशी फिल्मों पर 100% टैरिफ लगाने के निर्णय पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस कदम का असली उद्देश्य अभी तक स्पष्ट नहीं है और इससे भारतीय फिल्म उद्योग पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इस पर भी कोई स्पष्टता नहीं है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि विदेशी फिल्में अमेरिकी फिल्म उद्योग को कमजोर कर रही हैं, जबकि फिल्म उद्योग के लोग इसे नुकसानदायक मानते हैं। जानें इस विषय पर और क्या कहा गया।
 

कोलकाता में एमसीसीआई सम्मेलन में राजकुमार हिरानी की टिप्पणी


कोलकाता, 4 अक्टूबर। वर्तमान में मर्चेंट्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एमसीसीआई) का वार्षिक सम्मेलन कोलकाता में चल रहा है। इस अवसर पर, प्रसिद्ध फिल्म निर्माता राजकुमार हिरानी ने अमेरिकी सरकार द्वारा विदेशी फिल्मों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने के विषय में चर्चा की।


उन्होंने बताया कि इस कदम का वास्तविक उद्देश्य अभी तक स्पष्ट नहीं है और किसी को भी इसकी सही जानकारी नहीं है।


राजकुमार हिरानी ने राजीव मसंद के साथ एक चर्चा में भाग लिया। जब उनसे पूछा गया कि इस टैरिफ का भारतीय फिल्मों और फिल्म उद्योग पर क्या प्रभाव पड़ेगा, तो उन्होंने कहा, "इस विषय पर अभी तक कोई स्पष्टता नहीं है। कुछ समय पहले भी ऐसा हुआ था, लेकिन प्रोड्यूसर और तकनीशियनों को भी इसका सही अर्थ नहीं पता है। जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक इस पर कुछ कहना उचित नहीं होगा।"


अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बताया कि उनकी सरकार विदेशी फिल्मों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की योजना बना रही है, क्योंकि उनका मानना है कि ये फिल्में अमेरिका की फिल्म इंडस्ट्री को कमजोर कर रही हैं। फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि इससे अमेरिकी श्रमिकों को नुकसान होगा, जो विदेशी फिल्म प्रोजेक्ट्स में काम कर रहे हैं। इसके अलावा, विभिन्न फिल्म उद्योगों के सदस्यों ने इस टैरिफ का विरोध किया है। अमेरिकी अभिनेता और प्रोड्यूसर्स का मानना है कि इससे हॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री भी प्रभावित होगी।


इस सम्मेलन में एमसीसीआई के अध्यक्ष अमित सरावगी ने बताया कि बंगाल में एमसीसीआई की सदस्य कंपनियों द्वारा इस्पात, बिजली, इंजीनियरिंग, पशु आहार और स्टेशनरी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में 49,000 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा।