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अनूप जलोटा का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म: भक्तिद्वार ऐप से जुड़ें भक्ति और आध्यात्मिकता से!

अनूप जलोटा ने हाल ही में 'भक्तिद्वार टेलीविजन ऐप' का उद्घाटन किया, जो भक्ति और आध्यात्मिकता से जुड़ी सामग्री को एकत्रित करता है। इस ऐप का उद्देश्य लोगों को मानसिक शांति प्रदान करना है, खासकर आज के तनावपूर्ण जीवन में। जलोटा का मानना है कि यह ऐप लाखों लोगों को अध्यात्म से जोड़ने में मदद करेगा। जानें इस नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के बारे में और कैसे यह भक्ति संगीत को युवा पीढ़ी के बीच लोकप्रिय बनाने का प्रयास कर रहा है।
 

भक्ति और आध्यात्मिकता का नया डिजिटल अनुभव

मुंबई, 13 सितंबर। पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध भजन गायक अनूप जलोटा ने भक्ति और आध्यात्मिकता को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए एक नई पहल की है। उन्होंने 'भक्तिद्वार टेलीविजन ऐप' का शुभारंभ किया और इसके लोगो का अनावरण किया। यह प्लेटफॉर्म भक्ति, आध्यात्मिकता और सनातन धर्म से संबंधित सामग्री को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगा।


अनूप जलोटा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के तनावपूर्ण जीवन में भक्ति और अध्यात्म लोगों को मानसिक शांति प्रदान कर सकते हैं।


लॉन्च इवेंट में जलोटा ने कहा, ''मैं खुद भक्तिद्वार का हिस्सा बन चुका हूं। यह केवल एक ऐप नहीं है, बल्कि भक्ति, खुशी और शांति का द्वार है। आज लोग तनाव, चिंता और मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं। ऐसे में भगवान को याद करना, भजन सुनना और अध्यात्म से जुड़ना सच्ची शांति प्रदान कर सकता है। मेरा विश्वास है कि भक्तिद्वार लाखों लोगों को अध्यात्म से जोड़ेगा और उनके जीवन में सकारात्मकता लाएगा।''


उन्होंने आगे कहा, ''आज की युवा पीढ़ी में भक्ति संगीत और आध्यात्मिक सामग्री के प्रति रुचि बढ़ रही है। जब कोई तनाव में होता है, तब भगवान को याद करना और भक्ति में लिप्त होना एक अद्भुत सुकून देता है। 'भक्तिद्वार' इसी सकारात्मक सोच को आगे बढ़ाने का एक बेहतरीन प्रयास है।''


'भक्तिद्वार टेलीविजन ऐप' के संस्थापक दिनेश असोपा ने इस अवसर पर अनूप जलोटा का मार्गदर्शन और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, '''भक्तिद्वार' मेरे लिए केवल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि यह एक दशक से देखा गया सपना है। इस सपने को साकार करने में मुझे लगभग 10 साल लगे।


दिनेश असोपा ने कहा, ''मैं पिछले 10 वर्षों से इस ऐप पर काम कर रहा हूं। हमारा उद्देश्य केवल एक और ओटीटी प्लेटफॉर्म बनाना नहीं था, बल्कि ऐसा डिजिटल मंच तैयार करना था, जहां भक्ति, आध्यात्म और सनातन धर्म से संबंधित सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके। आज इस सपने को साकार होते देखना मेरे लिए एक विशेष क्षण है।''


'भक्तिद्वार' के लिए कई विशेष श्रृंखलाओं का निर्देशन फिल्म निर्माता जयदेव चक्रवर्ती ने किया है। इन शो में आध्यात्मिक विषयों को आधुनिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।