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हेमा मालिनी ने नवरात्रि पर 'दुर्गा' बैले से किया सबको मंत्रमुग्ध!

हेमा मालिनी ने नवरात्रि के पहले दिन तेलंगाना में 'दुर्गा' बैले का प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने मां दुर्गा की शक्ति को दर्शाया। इस कार्यक्रम में महाराजा अग्रसेन जयंती भी मनाई गई। जानें इस खास प्रस्तुति के बारे में और कैसे उन्होंने अपने डांस के माध्यम से भक्ति का भाव व्यक्त किया।
 

हेमा मालिनी का नवरात्रि उत्सव

मुंबई, 13 अक्टूबर। प्रसिद्ध अभिनेत्री और भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने नवरात्रि की शुरुआत एक विशेष कार्यक्रम में की। तेलंगाना में आयोजित इस इवेंट में उन्होंने अपने चर्चित डांस बैले 'दुर्गा' का प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने मां दुर्गा की शक्ति और भक्ति को अपने क्लासिकल डांस के माध्यम से प्रस्तुत किया। उन्होंने इस परफॉर्मेंस का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर साझा किया।


जानकारी के अनुसार, हेमा मालिनी ने 11 अक्टूबर को तेलंगाना के क्लासिक कन्वेंशन सेंटर में 'अग्र दांडिया नवरात्रि सेलिब्रेशन' में अपनी प्रस्तुति दी थी। यह कार्यक्रम अग्रवाल समाज द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें महाराजा अग्रसेन जयंती का भी आयोजन किया गया। इंस्टाग्राम पर अपनी परफॉर्मेंस की झलक साझा करते हुए उन्होंने अपनी खुशी व्यक्त की।


उन्होंने लिखा, ''नवरात्र के पहले दिन तेलंगाना के अग्रवाल समाज के 'अग्र दांडिया नवरात्रि सेलिब्रेशन' में क्लासिक कन्वेंशन सेंटर पर अपने सबसे पॉपुलर बैले 'दुर्गा' की प्रस्तुति देना मेरे लिए खुशी की बात थी। इस कार्यक्रम के साथ 11 अक्टूबर को महाराजा अग्रसेन जयंती भी मनाई गई। इस शुभ अवसर पर आप सभी को नवरात्र और दुर्गा पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं।''


हेमा मालिनी ने अपनी पोस्ट के साथ परफॉर्मेंस का वीडियो भी साझा किया, जिसमें वह पार्वती माता के रूप में नजर आ रही हैं। उनके शानदार डांस मूव्स और भाव-भंगिमाओं ने इस पौराणिक किरदार को जीवंत कर दिया। उनकी प्रस्तुति में क्लासिकल डांस के साथ भक्ति का गहरा भाव भी देखने को मिला।


यह ध्यान देने योग्य है कि हेमा मालिनी ने न केवल फिल्मों में अपनी पहचान बनाई है, बल्कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य की दुनिया में भी एक अलग स्थान हासिल किया है। उनके डांस बैले में कला, आध्यात्मिकता और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। वह पहले भी नृत्य को अपने लिए एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव बता चुकी हैं, और उनका मानना है कि नृत्य के माध्यम से वह अपनी भारतीय परंपराओं से जुड़ी रहती हैं।