संदीपा धर का जन्मदिन वैष्णो देवी में: आध्यात्मिकता और फिल्मी सफर की दिलचस्प बातें
संदीपा धर की फिल्म और जन्मदिन की परंपरा
मुंबई, 5 मार्च। अभिनेत्री संदीपा धर इन दिनों अपनी नई फिल्म 'दो दीवाने सहर में' के कारण चर्चा में हैं। उनका मानना है कि एक अभिनेता की सफलता का मुख्य आधार मजबूत स्क्रिप्ट और लेखन है।
उन्होंने हाल ही में एक विशेष बातचीत में कहा, "लेखन की जिम्मेदारी बहुत महत्वपूर्ण होती है। यदि किरदार अच्छी तरह से लिखे गए हैं, तो अभिनेता को केवल उस स्क्रिप्ट का पालन करना होता है। फिल्मों में असली चुनौती स्क्रीन टाइम को सही तरीके से दर्शाना है। कुछ ही सीन में किरदार की यात्रा, संघर्ष और समाधान को दिखाना पड़ता है, जिसके लिए अच्छी तैयारी और स्पष्टता आवश्यक है।"
संदीपा हर साल अपना जन्मदिन जम्मू-कश्मीर में वैष्णो देवी के मंदिर में मनाती हैं। इस पर उन्होंने कहा, "यह मेरी पुरानी परंपरा है। पहाड़ों में जो शांति मिलती है, वह मुंबई में नहीं मिलती।"
उन्होंने आगे बताया, "मेरा जन्मदिन साल की शुरुआत में आता है, इसलिए मैं इसे एक आध्यात्मिक जीवनशैली के रूप में देखती हूं। जब भी मैं वैष्णो देवी से लौटती हूं, मुझे आमतौर पर कोई अच्छी खबर मिलती है। इस बार, मेरी फिल्म थिएटर में रिलीज होने वाली है, और इसे नेटफ्लिक्स पर भी स्ट्रीम होते देखना एक आशीर्वाद जैसा है।"
फिल्म का विषय वैलिडेशन और आत्म-स्वीकृति पर केंद्रित है। संदीपा ने कहा, "सोशल मीडिया के इस युग में, हम खुद को स्वीकार करने के बजाय दूसरों से वैलिडेशन की तलाश में रहते हैं। हमें समझना चाहिए कि हम जैसे हैं, वैसे ही काफी हैं।"
आने वाले प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए, उन्होंने बताया कि उनका नेटफ्लिक्स शो 'चुंबक' जल्द ही रिलीज होगा, जिसे लक्ष्मण उटेकर ने निर्देशित किया है।