भाषा की बाधाओं पर सिद्धांत चतुर्वेदी का खुलासा: क्या है उनकी कहानी?
सिद्धांत चतुर्वेदी की नई फिल्म और भाषा की चुनौतियाँ
मुंबई, 4 फरवरी। अभिनेता सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर जल्द ही रोमांटिक ड्रामा फिल्म 'दो दीवाने शहर में' में दिखाई देंगे। हाल ही में, सिद्धांत ने यूपी की जड़ों, भोजपुरी और भाषा संबंधी बाधाओं पर खुलकर चर्चा की।
फिल्म के लॉन्च इवेंट में उन्होंने बताया कि उनका पालन-पोषण उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में हुआ है, जहां आज भी उनके परिवार में भोजपुरी बोली जाती है। उनकी मां आज भी भगवान शिव को 'शंकर भगवान' कहती हैं। इन सांस्कृतिक तत्वों ने न केवल उनके बोलने के तरीके को प्रभावित किया, बल्कि उनके दृष्टिकोण को भी बदला।
सिद्धांत ने कहा कि जब उन्होंने इस फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ी, तो उन्हें अपनी पुरानी यादें ताजा हो गईं और किरदार उनके लिए बहुत व्यक्तिगत महसूस हुआ। उन्होंने साझा किया, "मुंबई आने के पहले 5-6 साल तक मेरी हिंदी काफी कमजोर थी। मैं ज्यादातर भोजपुरी में ही बात करता था।"
भाषा की बाधाओं पर बात करते हुए, उन्होंने कहा, "जब आप जैसे बड़े शहर में आते हैं और आपकी हिंदी सही नहीं होती, तो यह आपके आत्मविश्वास को प्रभावित करता है।"
उन्होंने 'स' और 'श' जैसे उच्चारण में अंतर, अंग्रेजी सीखने में कठिनाई और क्षेत्रीय भाषाओं के कारण होने वाली शर्मिंदगी का भी उल्लेख किया। सिद्धांत ने कहा, "यह समस्या केवल यूपी या बिहार के लोगों की नहीं है, बल्कि राजस्थान, गुजरात, नॉर्थ-ईस्ट और नेपाल से आने वाले कई लोग भी इसी तरह की चुनौतियों का सामना करते हैं।"
उन्होंने बताया कि ये छोटी-छोटी भाषा की बाधाएँ धीरे-धीरे आत्मविश्वास को कम कर देती हैं।
रवि उद्यावर द्वारा निर्देशित फिल्म 'दो दीवाने शहर में' का ट्रेलर हाल ही में रिलीज हुआ है, जिसे दर्शकों ने काफी सराहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 20 फरवरी को रिलीज होने के बाद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कैसा प्रदर्शन करती है। सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर के अलावा, इस फिल्म में इला अरुण, जॉय सेनगुप्ता, आयेशा रजा, संदीपा धर जैसे कई कलाकार शामिल हैं।