भारतीय सिनेमा को लगा बड़ा झटका: के. भाग्यराज का निधन, उपराष्ट्रपति ने जताई संवेदनाएं
के. भाग्यराज का निधन
नई दिल्ली, 27 जून। प्रसिद्ध फिल्म निर्माता, अभिनेता और पटकथा लेखक के. भाग्यराज (कृष्णस्वामी भाग्यराज) का निधन 73 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से हुआ। यह घटना चेन्नई में हुई और इससे सिनेमा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने इस दुखद समाचार पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा किया।
उपराष्ट्रपति ने लिखा, "के. भाग्यराज के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। उन्होंने भारतीय सिनेमा में अपनी यादगार फिल्मों और अद्वितीय कहानी कहने की शैली के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया।"
उन्होंने आगे कहा, "उनकी पटकथा लेखन की नई तकनीकें और जटिल कहानियों को सरलता से प्रस्तुत करने की क्षमता ने उन्हें देश के प्रमुख पटकथा लेखकों में से एक बना दिया। उन्होंने कई फिल्म निर्माताओं को प्रेरित किया और मार्गदर्शन किया, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए सिनेमा की दुनिया में समृद्धि आई।"
सीपी राधाकृष्णन ने यह भी लिखा, "के. भाग्यराज का जाना भारतीय सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति है, लेकिन उनकी विरासत कलाकारों और सिनेमा प्रेमियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।" उन्होंने के. भाग्यराज के परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
कृष्णस्वामी भाग्यराज भारतीय सिनेमा के एक महान फिल्म निर्माता, निर्देशक, पटकथा लेखक और अभिनेता थे। उन्हें उनकी बेहतरीन कहानी कहने की कला और स्क्रीन प्ले के लिए जाना जाता है। उन्होंने कई फिल्मों का निर्देशन किया और कई में अभिनय भी किया।
के. भाग्यराज का जन्म 7 जनवरी 1953 को तमिलनाडु के इरोड जिले के गोबिचेट्टीपलायम के पास वेल्लांकोइल में हुआ था। उनकी पत्नी, पूर्णिमा भाग्यराज, भी एक अभिनेत्री हैं। उन्होंने कई हिंदी फिल्मों का निर्माण और निर्देशन किया, जिनमें 'वो सात दिन' और 'मिस्टर बेचारा' शामिल हैं।