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भारतीय दर्शकों के लिए 'द हाउसमेड' का नया वर्जन: महत्वपूर्ण बदलाव

फिल्म 'द हाउसमेड' का भारतीय संस्करण 2026 में रिलीज़ होने वाला है, जिसमें सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) द्वारा कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इसमें फ्रंटल न्यूडिटी सीन को हटाने के साथ-साथ आपत्तिजनक भाषा को म्यूट करने का आदेश दिया गया है। सिडनी स्वीनी और अमांडा सेफ्राइड की मुख्य भूमिकाओं वाली इस फिल्म की कहानी एक पैरोल पर छूटी महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक अमीर परिवार के घर में हाउसमेड के रूप में काम करती है। जानें इस फिल्म में और क्या-क्या बदलाव किए गए हैं।
 

फिल्म 'द हाउसमेड' में बदलाव

भारतीय दर्शक अब फिल्म 'द हाउसमेड' का एक संशोधित संस्करण देखेंगे, जो 2026 की शुरुआत में भारत में प्रदर्शित होगा। सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने इसमें कई महत्वपूर्ण बदलाव करने का निर्देश दिया है, जिसमें ओरिजिनल फिल्म से आठ मिनट से अधिक के फ्रंटल न्यूडिटी सीन को हटा दिया गया है। इस फिल्म में सिडनी स्वीनी और अमांडा सेफ्राइड मुख्य भूमिका में हैं। इसे पहले 19 दिसंबर को पश्चिमी देशों में रिलीज़ किया गया था, जहाँ इसे अपनी सस्पेंस भरी कहानी और कलाकारों की अदाकारी के लिए सराहा गया।


CBFC की समीक्षा और सर्टिफिकेशन

बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के अनुसार, CBFC ने 4 दिसंबर को अपनी एग्जामिनिंग कमेटी की समीक्षा के बाद 'द हाउसमेड' को 'A' सर्टिफिकेट प्रदान किया। बोर्ड ने कई बदलावों की मांग की, जिसमें आपत्तिजनक भाषा को म्यूट करना और कुछ न्यूडिटी सीन को हटाना शामिल था। एग्जामिनिंग कमेटी की सिफारिशों के अनुसार, 'b***h', 'c**t' और 'motherf****r' जैसे शब्दों को म्यूट कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, स्टूडियो को 'महिलाओं के स्तनों के न्यूडिटी विजुअल्स को हटाने' के लिए कहा गया।


इंटीमेट सीन में कटौती

सिडनी स्वीनी से जुड़े इंटीमेट सीन, जिसमें एक लंबा लवमेकिंग सीक्वेंस भी शामिल है, भारतीय दर्शकों के लिए पूरी तरह से हटा दिए गए हैं। इसके अलावा, अमांडा सेफ्राइड का एक सीन जिसमें वह ब्रेस्ट पंप का उपयोग कर रही हैं, भी हटा दिया गया है। हालांकि, लीड एक्टर ब्रैंडन स्क्लेनर के कूल्हों का एक छोटा सा शॉट भारतीय सिनेमाघरों के लिए अप्रूव किए गए फाइनल वर्जन में मौजूद है।


फिल्म का नया रनटाइम

'द हाउसमेड' का ओरिजिनल रनटाइम 131 मिनट और 46 सेकंड था, लेकिन इन एडिट्स और एंटी-स्मोकिंग विज्ञापनों को जोड़ने के बाद भारतीय रिलीज़ का समय घटाकर 125 मिनट और 46 सेकंड कर दिया गया है।


कहानी का सार

फिल्म की कहानी एक पैरोल पर छूटी महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे एक अमीर परिवार के घर में हाउसमेड के रूप में नौकरी मिलती है। जैसे-जैसे वह अपनी नई नौकरी में ढलती है, उसे एहसास होता है कि उसकी जान खतरे में हो सकती है, जिससे कहानी में सस्पेंस का एक नया आयाम जुड़ जाता है।


सारांश और CBFC के निर्णय

इतने सारे एडिट्स के बावजूद, फिल्म का मूल सार और जॉनर काफी हद तक बरकरार है। "सेंसर किए गए वर्जन को देखने वालों के अनुसार" कहानी और उसका इरोटिक नेचर, आपत्तिजनक कंटेंट हटाने के बाद भी सुरक्षित है। 'द हाउसमेड' में किए गए बदलाव CBFC के पिछले फैसलों के अनुरूप हैं, जो अक्सर भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली फिल्मों में न्यूडिटी या आपत्तिजनक भाषा वाले सीन में कट लगाने का आदेश देते हैं। ये दखल ऐसे कंटेंट के बारे में चल रहे रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स को दर्शाते हैं जिसे राष्ट्रीय दर्शकों के लिए संवेदनशील या अनुचित माना जाता है।


भारतीय दर्शकों की अपेक्षाएँ

जो भारतीय दर्शक इस फिल्म का इंतज़ार कर रहे हैं, वे एक ऐसे वर्जन की उम्मीद कर सकते हैं जो इंटरनेशनल रिलीज़ से भिन्न होगा, खासकर कई इंटिमेट सीन के अभाव के कारण।