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बांसवाड़ा में 6 वर्षीय बच्चे की जान बचाने में डॉक्टरों की तत्परता, सिक्का निगलने की घटना

राजस्थान के बांसवाड़ा में एक 6 वर्षीय बच्चे ने खेलते समय गलती से सिक्का निगल लिया, जिससे उसकी सांस लेने में कठिनाई होने लगी। परिजनों ने उसे तुरंत एमजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सफल ऑपरेशन किया। इस घटना ने अभिभावकों को चेतावनी दी है कि छोटे बच्चों को छोटी वस्तुओं से दूर रखना चाहिए। जानें इस घटना की पूरी कहानी और डॉक्टरों की तत्परता के बारे में।
 

सिक्का निगलने की घटना


गुरुवार शाम को राजस्थान के बांसवाड़ा के एमजी हॉस्पिटल में एक 6 साल का बच्चा खेलते समय गलती से सिक्का निगल गया, जो उसके गले में फंस गया। यह घटना कुशलगढ़ के चरकनी गांव में हुई। सिक्का फंसने के कारण बच्चे को सांस लेने में कठिनाई होने लगी, जिसके चलते उसके परिवार ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया।


तत्काल चिकित्सा सहायता

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बच्चे की हालत शाम करीब 7 बजे बिगड़ने लगी जब उसने सिक्का निगला। गंभीर स्थिति को देखते हुए परिवार ने उसे एमजी हॉस्पिटल में तुरंत भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक उपचार दिया।


सफल ऑपरेशन

डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रात करीब 9:45 बजे ऑपरेशन शुरू किया। एमजी हॉस्पिटल के डॉक्टर संदीप जोशी की अगुवाई में मेडिकल टीम ने 15 मिनट की त्वरित प्रक्रिया में एंडोस्कोपी के माध्यम से सिक्का सफलतापूर्वक निकाल लिया।


ऑपरेशन से पहले बच्चे को बेहोश किया गया ताकि वह प्रक्रिया के दौरान कोई हरकत न कर सके। मुंह के रास्ते एक पतली दूरबीन आहार नली में डाली गई, जिसमें लगे कैमरे की मदद से सिक्के की स्थिति का पता लगाया गया। इसके बाद विशेष उपकरण से सावधानीपूर्वक सिक्के को बाहर निकाला गया।


बच्चे की स्थिति

पूरी प्रक्रिया के दौरान बच्चे की सांस और हार्टबीट पर लगातार नजर रखी गई ताकि किसी भी जटिलता से बचा जा सके। समय पर चिकित्सा सहायता और डॉक्टरों की तत्परता के कारण बच्चे की जान बच गई, और अब उसकी स्थिति स्थिर है।


डॉक्टरों ने इस घटना के बाद अभिभावकों से अपील की है कि वे छोटे बच्चों को छोटी और धातु की वस्तुओं से दूर रखें, क्योंकि ऐसी लापरवाही गंभीर हादसों का कारण बन सकती है।