फिल्म 'हैवान' में मोहनलाल का खास कैमियो: सैफ और अक्षय के साथ एक यादगार पल
प्रियदर्शन की नई फिल्म 'हैवान' का रिलीज
प्रियदर्शन द्वारा निर्देशित बहुप्रतीक्षित फिल्म 'हैवान' आज, 11 सितंबर को सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो गई है। इस फिल्म में सैफ अली खान और अक्षय कुमार मुख्य भूमिकाओं में हैं, जो सस्पेंस, थ्रिलर और एक्शन से भरपूर है। सैफ ने अंधे व्यक्ति 'श्याम राणे' का किरदार निभाया है, जबकि अक्षय कुमार ने खूंखार विलेन 'परशुराम' का रोल अदा किया है। फिल्म में कई दिलचस्प मोड़ हैं, लेकिन इसका सबसे बड़ा सरप्राइज क्लाइमेक्स के बाद सामने आता है, जिसका दर्शकों को बेसब्री से इंतजार था।
मोहनलाल की एंट्री और क्लाइमेक्स
फिल्म के अंत में मोहनलाल की अचानक एंट्री होती है। वे काले चश्मे और छड़ी के साथ नजर आते हैं, जो फिल्म की कहानी में अंधेपन की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। उनकी एंट्री दर्शकों के मन में सवाल उठाती है कि वे किस किरदार में हैं।
इसका उत्तर फिल्म के अंतिम दृश्य में मिलता है, जहां मोहनलाल भी एक अंधे व्यक्ति के रूप में दिखाई देते हैं। क्लाइमेक्स के बाद, वे सैफ और एक छोटी बच्ची के साथ सड़क किनारे खड़े होते हैं। इस दृश्य में बच्ची मोहनलाल से पूछती है, "क्या आप भी देख नहीं सकते?"
'हैवान' का अंत और मोहनलाल का महत्व
इस दृश्य में, जब बच्ची मोहनलाल से पूछती है कि क्या वे देख नहीं सकते, तो मोहनलाल अपना चश्मा उतारते हैं और पूछते हैं कि और कौन नहीं देख सकता। सैफ अली खान जवाब देते हैं कि वे भी नहीं देख सकते। इसी बीच, ट्रैफिक सिग्नल बदल जाता है और बच्ची दोनों अंधे किरदारों की छड़ी पकड़कर उन्हें सड़क पार करने में मदद करती है। यह छोटा सा दृश्य सैफ और मोहनलाल के किरदारों को एक साथ देखने का खास पल बन जाता है।
हालांकि मोहनलाल का रोल लंबा नहीं है, लेकिन उनका कैमियो कहानी के मुख्य हिस्से से जुड़ा हुआ है।
मोहनलाल का कैमियो और 'ओप्पम' कनेक्शन
मोहनलाल की उपस्थिति का कनेक्शन मलयालम फिल्म 'ओप्पम' से है, जिसे प्रियदर्शन ने 2016 में निर्देशित किया था। इस फिल्म में मोहनलाल ने मुख्य भूमिका निभाई थी। 'हैवान' में सैफ अली खान का किरदार, असल फिल्म के उसी रोल का हिंदी अडैप्टेशन है। प्रियदर्शन ने मोहनलाल को एक स्पेशल कैमियो के जरिए शामिल किया है।
प्रियदर्शन का मोहनलाल को मनाना
प्रियदर्शन ने मोहनलाल के कैमियो के लिए उन्हें मनाने की प्रक्रिया के बारे में बताया। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि जब उन्होंने मोहनलाल से पूछा कि क्या वह यह रोल करेंगे, तो वह शुरू में तैयार नहीं थे। लेकिन जब मोहनलाल ने पूरी कहानी सुनी, तो वह तुरंत मान गए।
मोहनलाल का कैमियो: एक खास पल
'हैवान' में मोहनलाल का होना न केवल दर्शकों के लिए एक सरप्राइज है, बल्कि यह फिल्म और उसकी मलयालम ओरिजिनल फिल्म के बीच एक दिलचस्प कनेक्शन भी बनाता है। क्लाइमेक्स के बाद मोहनलाल और सैफ को एक साथ देखना दर्शकों के लिए 'ज़िम्मेदारी सौंपने' जैसा पल लगता है। भले ही मोहनलाल का कैमियो कुछ ही मिनटों का हो, लेकिन यह सीन फिल्म के सबसे यादगार पलों में से एक बन सकता है।