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फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर: प्रदीप रावत का निधन, जानें उनके जीवन की अनकही बातें

प्रदीप रावत, जो 'लगान', 'गजनी' और 'महाभारत' जैसे प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स में अपने अभिनय के लिए जाने जाते थे, का निधन हो गया है। उनके निधन ने फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर पैदा कर दी है। फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर उनके निधन पर दुख व्यक्त किया और अंतिम दर्शन की जानकारी साझा की। प्रदीप रावत का जीवन और करियर कई प्रेरणादायक कहानियों से भरा हुआ था। जानें उनके जीवन की अनकही बातें और उनके योगदान के बारे में।
 

प्रदीप रावत का निधन: एक अद्भुत अभिनेता की कहानी


मुंबई, 5 अगस्त। अभिनेता प्रदीप रावत के निधन ने फिल्म जगत में शोक की लहर पैदा कर दी है। 'लगान', 'गजनी' और 'महाभारत' जैसे प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स में अपने अभिनय से पहचान बनाने वाले प्रदीप रावत को श्रद्धांजलि दी जा रही है। इस मौके पर फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने भी सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा किया और उनके अंतिम दर्शन की जानकारी दी।


अशोक पंडित ने अपने इंस्टाग्राम पर प्रदीप रावत की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ''हमारे प्रिय मित्र प्रदीप रावत एक उत्कृष्ट अभिनेता और महान इंसान थे। उनके निधन की खबर ने मुझे गहरा दुख पहुंचाया है। उनका जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा नुकसान है। उनके परिवार और करीबी लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।''


उन्होंने आगे बताया कि प्रदीप रावत का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक गोरेगांव वेस्ट स्थित इंपीरियल हाइट्स में रखा जाएगा। इसके बाद शाम 4 बजे के बाद उनका अंतिम संस्कार जोगेश्वरी वेस्ट में ओशिवारा ब्रिज के पास किया जाएगा। ओम शांति।


प्रदीप रावत के निधन की खबर ने उनके प्रशंसकों और फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है। वह लंबे समय से ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे और 74 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम सांस ली।


प्रदीप रावत का जन्म 21 जनवरी 1952 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ था। वह एक आर्मी परिवार से थे और शुरू में उनका सपना सेना में जाने का था, लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने बैंक में नौकरी की, लेकिन उनका मन वहां नहीं लगा। अंततः उन्होंने थिएटर की दुनिया में कदम रखा, जहां से उनके अभिनय का सफर शुरू हुआ।


उन्होंने राज बब्बर के थिएटर ग्रुप 'एकजुट' से जुड़कर अभिनय की बारीकियां सीखी। 1985 में फिल्म 'मेरी जंग' से उन्होंने बड़े पर्दे पर कदम रखा और इसके बाद कई हिंदी फिल्मों में काम किया।


उन्हें सबसे ज्यादा पहचान बीआर चोपड़ा के प्रसिद्ध टीवी शो 'महाभारत' में अश्वत्थामा के किरदार से मिली। इस भूमिका ने उन्हें हर घर में पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी फिल्मों में भी काम किया।


फिल्म 'गजनी' में उनके खलनायक के किरदार को आज भी याद किया जाता है। 2005 में आई तमिल फिल्म 'गजनी' में उन्होंने विलेन का किरदार निभाया, जिसे दर्शकों ने सराहा। इसके बाद 2008 में आमिर खान की हिंदी फिल्म 'गजनी' में भी उन्होंने वही भूमिका निभाई, जिससे उनकी लोकप्रियता और बढ़ गई।


प्रदीप रावत ने 'लगान', 'सरफरोश', 'बागी', 'पत्थर के फूल', 'संगदिल सनम' जैसी कई फिल्मों में भी काम किया। उनके करियर में लगभग 150 फिल्मों का योगदान रहा। उनकी अंतिम हिंदी फिल्म विक्की कौशल की 'छावा' थी, जिसमें उन्होंने येसाजी कंक का किरदार निभाया।