फातिमा सना शेख: बचपन से लेकर अब तक की यात्रा और संघर्ष
फातिमा सना शेख का सफर
मुंबई, 10 जनवरी। बॉलीवुड की प्रतिभाशाली अभिनेत्री फातिमा सना शेख ने छोटी उम्र से ही फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा है, जिससे उन्होंने कई अनुभव हासिल किए हैं। उनके जीवन में कुछ ऐसी घटनाएं भी हुई हैं, जो एक बच्चे को नहीं देखनी चाहिए।
इन अनुभवों ने उन्हें जल्दी परिपक्व बना दिया, लेकिन उनकी मासूमियत आज भी बरकरार है। फातिमा ने चार साल की उम्र में अपने करियर की शुरुआत की और टेलीविजन से होते हुए बॉलीवुड में कदम रखा। हालांकि, बचपन में उन्हें शूटिंग सेट पर कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। 11 जनवरी को फातिमा अपना 34वां जन्मदिन मनाने जा रही हैं।
फिल्म 'दंगल' से अपने करियर की शुरुआत करने वाली फातिमा ने बचपन में कई बड़े सितारों के साथ काम किया है। उन्होंने 1997 की हिट फिल्म 'चाची 420' में कमल हासन की बेटी का किरदार निभाया था। फातिमा ने बताया कि उस समय बच्चों को क्या करना है, यह समझना मुश्किल होता है। 'चाची 420' के सेट पर उन्हें रोने के लिए कहा गया था, और उन्होंने नकली रोना शुरू किया। लेकिन जब उन्हें सच्चे भावनाओं के साथ रोने के लिए कहा गया, तो वे सच में रोने लगीं।
फातिमा ने ऐसे हालातों का सामना किया, जो किसी बच्चे के लिए उचित नहीं थे। चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में उन्हें सेट पर प्रतिदिन 15 घंटे काम करना पड़ता था, और उस समय बाल कलाकारों के लिए कोई सुरक्षा नियम नहीं थे। वे बड़े लोगों की बातें सुनती थीं, जो बच्चों के लिए अनुपयुक्त थीं।
फातिमा ने अपने करियर में विभिन्न क्षेत्रों में हाथ आजमाया है। फिल्मों में सहायक भूमिकाओं के अलावा, उन्होंने कई टेलीविजन शो भी किए हैं। वे 'अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो' में सुमन के किरदार में नजर आईं और 'लेडीज स्पेशल' शो में भी दिखाई दीं।
कम ही लोग जानते हैं कि फातिमा ने 'दंगल' से पहले कई फिल्मों में छोटे-छोटे रोल किए थे। उन्हें 2008 में 'तहान', 2013 में 'आकाश वाणी', और 2012 में 'बिट्टू बॉस' में देखा गया था, लेकिन 'दंगल' से उन्हें बड़ा ब्रेक मिला। इसके बाद उन्होंने 'लूडो', 'ठग्स ऑफ हिंदुस्तान', 'आप जैसा कोई', और 'मेट्रो इन दिनों' जैसी फिल्मों में लीड एक्ट्रेस के रूप में काम किया। अब वे रोमांटिक ड्रामा फिल्म 'गुस्ताख इश्क' में नजर आ रही हैं।