दीपावली पर श्वेता त्रिपाठी की यादें: रोशनी और परंपराओं का जश्न
श्वेता त्रिपाठी की दीपावली की परंपराएं
मुंबई, 5 नवंबर। अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी के लिए दीपावली केवल एक रोशनी का पर्व नहीं है, बल्कि यह उनके बचपन की यादों और प्रियजनों के साथ खुशियों को साझा करने का अवसर भी है। वह आज भी अपने परिवार के साथ घर की सफाई से लेकर छत पर दीप जलाने तक की परंपराओं को उसी उत्साह के साथ निभाती हैं।
उनका मानना है कि त्योहारों का असली आनंद अपने प्रियजनों के साथ समय बिताने और छोटे-छोटे खुशियों के पलों को संजोने में है।
श्वेता ने एक बातचीत में दीपावली से जुड़ी अपनी यादों को साझा किया। उन्होंने बताया कि बचपन में दीपावली से पहले घर और अपने कमरे की सफाई करना उनके लिए एक परंपरा थी। उस समय उन्हें यह समझ नहीं आता था कि त्योहार से पहले सफाई करना इतना महत्वपूर्ण क्यों है, लेकिन अब वह इसके महत्व को समझती हैं।
उन्होंने कहा, ''मेरे लिए दीपावली रोशनी, गर्मजोशी और सकारात्मकता का प्रतीक है। बचपन से ही मैं दीपावली से पहले अपने कमरे और घर की सफाई करती थी। उस समय मुझे यह सब करने का कारण समझ नहीं आता था, लेकिन अब मुझे इसका महत्व समझ में आता है।''
श्वेता ने आगे कहा, ''जब आप अपने आस-पास की चीजों को साफ और रोशन रखते हैं, तो उनमें एक अलग चमक आ जाती है। वही रोशनी आपके अंदर भी उतरती है। यह एक परंपरा है, जिसे मैं आज भी निभाती हूं।''
उन्होंने दीपावली से जुड़ी एक खास याद साझा की, जिसमें उनके परिवार के सभी सदस्य मिलकर घर की छत और आसपास दीपक जलाते थे। उन्होंने कहा, ''हम चारों, यानी मेरी मां, पिता, बहन और मैं, मिलकर पूरे घर में दीपक जलाते थे। हम उन्हें तेल डालकर रोशन करते थे। यह एक परंपरा है, जिसे हम आज भी निभाते हैं।''
श्वेता ने कहा, ''त्योहार हमें अपनी रोजमर्रा की भागदौड़ से थोड़ा रुककर दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताने की याद दिलाते हैं। कलाकारों के लिए प्रोफेशनल लाइफ बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके बावजूद हमें अपने प्रियजनों के लिए थोड़ा समय निकालना चाहिए। भले ही आप पूरा दिन साथ न बिता पाएं, लेकिन कुछ छोटे-छोटे पल जरूर निकाल सकते हैं।''
अभिनेत्री ने कहा, ''इसके लिए बहुत बड़ी तैयारी की आवश्यकता नहीं है। साथ बैठकर खाना खाना, बातें करना, हंसना, किसी को तोहफा देना या उसके लिए अपने हाथों से कुछ बनाना भी काफी है। अपने और दूसरों के लिए खुशियों के ऐसे छोटे-छोटे पल बनाना बहुत जरूरी है।''
फिटनेस के बारे में श्वेता ने कहा कि दीपावली पर मिठाइयों और स्वादिष्ट व्यंजनों के बीच वर्कआउट करना भी आवश्यक हो जाता है। नियमित एक्सरसाइज करने से त्योहारों के दौरान खानपान और फिटनेस के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।