दिल्ली में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल: सितारों की चमक और रवि किशन की खास बातें
दिल्ली में सितारों की महफिल
नई दिल्ली, 26 मार्च। प्रगति मैदान में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ने 25 मार्च से दिल्ली में सितारों की चमक बिखेर दी है। यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में फिल्मी सितारे एक साथ यहां उपस्थित हुए हैं। इस समारोह में आमिर खान, कंगना रनौत, कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा, भाजपा सांसद और भोजपुरी अभिनेता रवि किशन के साथ-साथ दक्षिण भारतीय सितारों की भी उपस्थिति रही।
फिल्म फेस्टिवल में पहुंचे रवि किशन ने कहा, "यह एक अद्भुत पहल है। मैंने इस मंडपम का दौरा किया और नरेंद्र मोदी द्वारा बनाए गए इस विशाल ढांचे को देखकर गर्व महसूस हुआ। यह दर्शाता है कि हम नए भारत में कितने मजबूत हैं। इस फेस्टिवल ने हमारे भारतीय फिल्म निर्माताओं को प्रोत्साहित किया है कि वे अपने देश में फिल्म समारोह आयोजित करें और मीडिया से संवाद करें।" उन्होंने यह भी बताया कि उनकी भोजपुरी फिल्म 'महादेव का गोरखपुर' की विशेष स्क्रीनिंग भी आयोजित की गई है।
इसके अलावा, आगामी नेटफ्लिक्स सीरीज 'मामला लीगल है-2' पर भी चर्चा की जाएगी। रवि किशन इस फिल्म फेस्टिवल में अपने करियर और निजी जीवन से जुड़े कुछ राज भी साझा करेंगे और क्षेत्रीय सिनेमा के विकास पर भी बात करेंगे।
फिल्म फेस्टिवल के आयोजन के लिए रवि किशन ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम भारतीय सिनेमा और संस्कृति को मजबूती प्रदान करेंगे और सभी राज्यों में सिनेमा के विकास के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता है।
भोजपुरी सिनेमा के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "भोजपुरी फिल्म उद्योग का साहित्य से गहरा संबंध है। 1962 में हमारे राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने भोजपुरी में फिल्में बनाने की इच्छा व्यक्त की थी। नजीर हुसैन ने इस दिशा में पहला कदम उठाया और फिल्म 'हे गंगा मैया तोहे पियरी चढ़ाइबो' बनाई। इसके बाद भोजपुरी फिल्म उद्योग ने प्रगति की, लेकिन 90 के दशक में यह ठप हो गया। मैंने भोजपुरी में 400 से अधिक फिल्में की हैं और वर्तमान में हिंदी सिनेमा में व्यस्त हूं, लेकिन अगर मुझे भोजपुरी में कोई अच्छी फिल्म का प्रस्ताव मिलता है, तो मैं उसे जरूर करूंगा।"