दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव: सिनेमा के नए आयामों की खोज
दिल्ली में चल रहा है अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव
नई दिल्ली, 27 मार्च। भारतीय सिनेमा को प्रोत्साहित करने और इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से दिल्ली में एक पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में दक्षिण भारतीय सिनेमा के साथ-साथ विभिन्न देशों के कलाकार भी शामिल हो रहे हैं। महोत्सव के तीसरे दिन, फिल्म निर्माता राकेश ओमप्रकाश मेहरा, वाणी त्रिपाठी, अभिनेता आशीष विद्यार्थी और बोमन ईरानी ने सिनेमा पर अपने विचार साझा किए।
फिल्म निर्माता राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने मीडिया से बातचीत में दिल्ली और सिनेमा के बीच गहरे संबंध की चर्चा की। उन्होंने कहा, "दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का होना एक सुखद अनुभव है, और यह आवश्यक भी है क्योंकि दिल्ली और सिनेमा का पुराना नाता है। यहाँ एनएसडी है और दिल्ली ने कई प्रमुख सितारे, लेखक और संगीतकार दिए हैं। दिल्ली मुंबई की जीवनरेखा है, जो इसे पोषण देती है।"
उन्होंने आगे कहा, "इस महोत्सव के बाद, युवाओं को अपनी किस्मत आजमाने के लिए मुंबई नहीं भागना पड़ेगा, क्योंकि दिल्ली में ही नए अवसर पैदा किए जाएंगे।"
भारतीय अभिनेत्री और लेखिका वाणी त्रिपाठी ने कहा कि दिल्ली में सिनेमा का जादू बसा हुआ है। 70, 80 और 90 के दशक में दिल्ली का सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान रहा है, और अब समय आ गया है कि दिल्ली और उसके आसपास के युवाओं को कला के क्षेत्र में अवसर प्राप्त करने के लिए मुंबई की ओर नहीं भागना पड़े। युवा दिल्ली में पढ़ाई करते हैं और सपनों की तलाश में मुंबई जाते हैं, लेकिन अब उनके लिए दिल्ली में ही प्रोजेक्ट्स लाए जा रहे हैं।
अभिनेता आशीष विद्यार्थी ने समारोह में भाग लेने की खुशी व्यक्त की और कहा कि उन्हें अपने शो 'कहानीबाज' को प्रस्तुत करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा, "यह देखकर खुशी होती है कि कितने कलाकारों की शुरुआत मंडी हाउस से हुई थी और आज यह समारोह उसी के निकट हो रहा है।" उन्होंने फिल्म धुरंधर-2 की भी सराहना की, यह कहते हुए कि इसने सिनेमा में नए आयाम स्थापित किए हैं।
अभिनेता बोमन ईरानी ने भी इस महोत्सव में भाग लिया और कार्यक्रम की सफलता की कामना की। उन्होंने कहा कि दिल्ली से एक नई शुरुआत हो चुकी है और यूएन के साथ फिल्मों पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई है, जो एक बड़ी उपलब्धि है। इस समारोह से नए कलाकारों, लेखकों और सिनेमा से जुड़ने के इच्छुक लोगों को मंच और अवसर दोनों मिलेंगे।