दिलजीत दोसांझ ने 'सतलुज' फिल्म के ओटीटी से हटाए जाने पर क्या कहा? जानें उनकी बेबाक प्रतिक्रिया!
फिल्म 'सतलुज' का विवाद
मुंबई, 06 जुलाई (वेब वार्ता)। मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित फिल्म 'सतलुज' को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाने का मामला चर्चा का विषय बन गया है।
फिल्म के प्रमुख अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने इस घटनाक्रम पर अपनी स्पष्ट राय व्यक्त की है। एक वायरल वीडियो में दिलजीत ने कहा कि उन्हें इस कार्रवाई की संभावना पहले से थी।
उन्होंने अपने फैंस से कहा कि जो लोग फिल्म को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, वे ऐसा कर सकते हैं, लेकिन तब तक इसे कई लोग डाउनलोड कर चुके हैं।
अभिनेता तनावमुक्त नजर आए
लाइवस्ट्रीम के दौरान दिलजीत दोसांझ ने फिल्म के हटाए जाने की संभावना के बावजूद पूरी तरह से शांत और तनावमुक्त दिखाई दिए। उन्होंने अपने प्रशंसकों को आश्वस्त करते हुए कहा, “मुझे कोई टेंशन नहीं है, मैं एकदम फ्री बैठा हूं।” उनका यह आत्मविश्वास प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज नहीं किया गया था और सीबीएफसी द्वारा 120 से अधिक कट्स की मांग के बाद इसे सीधे ओटीटी पर एक नए शीर्षक 'सतलुज' के साथ पेश किया गया था।
फिल्म की गहरी कहानी
फिल्म 'सतलुज' पंजाब के सबसे काले दौर और जसवंत सिंह खालरा के न्याय के लिए संघर्ष की कहानी को दर्शाती है। यह फिल्म उस समय हजारों अज्ञात शवों के अवैध दाह संस्कार के गंभीर मुद्दे को उजागर करती है।
फिल्म के शीर्षक में बदलाव और पंजाब से जुड़े संदर्भों को हटाने के सीबीएफसी के निर्देशों के बाद यह पहले से ही विवादों में थी। इस बीच, अभिनेता की बेबाक प्रतिक्रिया ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर नई बहस को जन्म दिया है।