गणेश चतुर्थी पर ‘राम बोला’ फिल्म का टाइटल विवाद: कौन जीतेगा इस जंग में?
डॉक्टर विशाल चतुर्वेदी की नई फिल्म का ऐलान
गणेश चतुर्थी के अवसर पर, फिल्म ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक डॉक्टर विशाल चतुर्वेदी ने अपनी नई फिल्म ‘राम बोला’ की घोषणा की। यह फिल्म महाकवि तुलसीदास के जीवन पर आधारित होगी। लेकिन, इसी दिन एक और फिल्म इसी नाम से घोषित होने के कारण दोनों निर्माताओं के बीच टाइटल को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। विशाल चतुर्वेदी ने प्रोडक्शन हाउस महावीर जैन के साथ मिलकर इस फिल्म का ऐलान किया। वहीं, उसी दिन निर्देशक डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने भी इसी शीर्षक से अपनी फिल्म बनाने की बात कही। इसके बाद फिल्म इंडस्ट्री में इस नाम को लेकर चर्चा तेज हो गई।
दो निर्माताओं ने किया ‘राम बोला’ का ऐलान
विशाल चतुर्वेदी की फिल्म का विषय
विशाल चतुर्वेदी द्वारा घोषित ‘राम बोला’ फिल्म महाकवि तुलसीदास के जीवन, उनके संघर्ष और साहित्यिक योगदान को दर्शाने का प्रयास करेगी। दूसरी ओर, डॉक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी की फिल्म के पोस्टर में यह बताया गया है कि इसका निर्देशन स्वयं चंद्रप्रकाश द्विवेदी करेंगे, और इसे मधु मंटेना तथा मंदिरा द्विवेदी प्रोड्यूस करेंगे। दोनों फिल्मों का विषय तुलसीदास के जीवन से संबंधित होने के कारण टाइटल को लेकर विवाद और बढ़ गया है।
चंद्रप्रकाश द्विवेदी की आपत्ति
चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने एक मीडिया इंटरव्यू में कहा कि वह पिछले कुछ महीनों से ‘राम बोला’ फिल्म को लेकर महावीर जैन के साथ चर्चा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने महावीर जैन को इस प्रोजेक्ट से संबंधित एक ईमेल और लगभग 8 मिनट का वीडियो भी भेजा था। द्विवेदी के अनुसार, फिल्म के नाम और विषय पर पहले से बातचीत चल रही थी। अब इस मामले में आगे का निर्णय राइटर एसोसिएशन और आवश्यकता पड़ने पर अदालत के माध्यम से होगा।
कानूनी प्रक्रिया की संभावना
फिल्म इंडस्ट्री में किसी फिल्म के टाइटल को लेकर विवाद होने पर अक्सर राइटर एसोसिएशन और संबंधित संस्थाओं के माध्यम से समाधान की कोशिश की जाती है। यदि सहमति नहीं बनती है, तो मामला कानूनी प्रक्रिया तक भी पहुंच सकता है। फिलहाल, ‘राम बोला’ टाइटल को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अपने-अपने दावे किए जा रहे हैं। अब यह देखना होगा कि इस विवाद का समाधान कैसे होता है और आखिरकार इस नाम से कौन सी फिल्म दर्शकों तक पहुंचती है।