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क्यों कशिका कपूर ने कहा, 'भाषा कभी रुकावट नहीं होनी चाहिए'?

कशिका कपूर ने हाल ही में बॉलीवुड में दक्षिण भारतीय अभिनेताओं के लहजे को लेकर ट्रोलिंग पर अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा कि भाषा कभी भी किसी कलाकार के लिए बाधा नहीं होनी चाहिए। रश्मिका मंदाना के उदाहरण का हवाला देते हुए, कशिका ने जोर दिया कि एक अभिनेता की पहचान उनके प्रदर्शन से होनी चाहिए, न कि उनके लहजे से। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा कशिका ने!
 

कशिका कपूर का समर्थन: भाषा नहीं होनी चाहिए बाधा




मुंबई, 3 नवंबर। अभिनेत्री कशिका कपूर ने बॉलीवुड में दक्षिण भारतीय कलाकारों के हिंदी लहजे को लेकर होने वाली ट्रोलिंग पर अपनी राय व्यक्त की।


एक विशेष बातचीत में, कशिका ने कहा कि एक अभिनेता को एक कलाकार के रूप में देखा जाना चाहिए और भाषा को उनके लिए बाधा नहीं बनना चाहिए।


जब उनसे पूछा गया कि दक्षिण भारतीय अभिनेताओं को उनके लहजे के कारण आलोचना का सामना करना पड़ता है, तो उन्होंने कहा, "यह अक्सर होता है, लेकिन एक अभिनेता की पहचान हमेशा एक परफॉर्मर के रूप में होनी चाहिए। हमें इंडस्ट्री को तेलुगु या हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के रूप में नहीं बांटना चाहिए।"


रश्मिका मंदाना ने 'कॉफी विद करण' में बताया था कि उन्हें अपने करियर में अपने लहजे के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा है, लेकिन उन्होंने कभी इसे अपने काम में बाधा नहीं बनने दिया।


रश्मिका ने कहा कि वह दक्षिण भारत से हैं, इसलिए उनका लहजा स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि वह केवल एक इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहना चाहतीं।


कशिका ने रश्मिका का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें जो आलोचना मिल रही है, वह अनुचित है।


उन्होंने कहा, "हर कोई मेहनत कर रहा है और बेहतरीन प्रदर्शन दे रहा है। रश्मिका एक शानदार अभिनेत्री हैं और उन्हें उनके लहजे के लिए नहीं, बल्कि उनके टैलेंट के लिए सराहा जाना चाहिए। उनकी जड़ें वहां से जुड़ी हैं, लेकिन अंततः उनकी परफॉर्मेंस ही मायने रखती है।"