क्या है संध्या थिएटर भगदड़ मामला? अल्लू अर्जुन की अदालत में अनुपस्थिति पर नई जानकारी!
अल्लू अर्जुन की अदालत में अनुपस्थिति
हैदराबाद, 22 जून। संध्या थिएटर भगदड़ मामले में सोमवार को अदालत की सुनवाई के दौरान तेलुगु फिल्म स्टार अल्लू अर्जुन व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हुए। वह वर्तमान में मुंबई में अपनी नई फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं, जिसके कारण उन्होंने वकील के माध्यम से अदालत से व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट मांगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह आगे की सुनवाई में वर्चुअली शामिल होने के लिए तैयार हैं।
अगली सुनवाई की तारीख
यह सुनवाई हैदराबाद की नामपल्ली आपराधिक अदालत में हुई। अदालत ने अभिनेता को एक औपचारिक आवेदन दाखिल करने की सलाह दी और मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी। अल्लू अर्जुन के वकील ने अदालत को सूचित किया कि अगली तारीख पर अभिनेता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यवाही में भाग लेंगे।
भगदड़ की घटना का विवरण
यह मामला 4 दिसंबर 2024 का है, जब फिल्म 'पुष्पा 2: द रूल' के प्रीमियर के दौरान संध्या थिएटर में भारी भीड़ जमा हो गई थी। अचानक भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसमें एक महिला की मृत्यु हो गई और उसका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
इस मामले में कुल 23 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिसमें अल्लू अर्जुन को आरोपी नंबर 11 के रूप में शामिल किया गया है। अब तक 19 आरोपियों को अदालत में पेश होने के लिए समन भेजा जा चुका है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में थिएटर प्रबंधन से जुड़े पहले 10 लोगों को आरोपी बनाया है। इसके अलावा, अभिनेता की सुरक्षा में तैनात 8 बाउंसरों को भी इस केस में शामिल किया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि सभी आरोपियों के अदालत में पेश होने के बाद इस मामले का औपचारिक ट्रायल शुरू किया जाएगा।
अल्लू अर्जुन की गिरफ्तारी
घटना के बाद, अल्लू अर्जुन को 13 दिसंबर 2024 को गिरफ्तार किया गया। उन्हें नामपल्ली कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। हालांकि, उसी दिन उनके वकीलों ने हाई कोर्ट का रुख किया और उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई। अगले दिन उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया।
जांच की प्रक्रिया
जांच के दौरान, 24 दिसंबर को पुलिस ने अल्लू अर्जुन से लगभग तीन घंटे तक पूछताछ की थी। यह पूछताछ सीसीटीवी फुटेज और पुलिस द्वारा तैयार किए गए वीडियो के आधार पर की गई थी।