क्या है संतोष दावखर की फिल्म 'गोंधल' का जादू? जानें ऑस्कर में भारत की एंट्री के पीछे की कहानी!
फिल्म 'गोंधल' का अंतरराष्ट्रीय सफर
मुंबई, 19 सितंबर। फिल्म निर्माता संतोष दावखर की 'गोंधल' को 2027 के ऑस्कर अवार्ड्स में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चुना गया है। दावखर ने बताया कि उन्होंने इस फिल्म के माध्यम से भारतीय संस्कृति और विरासत को वैश्विक दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने का प्रयास किया।
यह थ्रिलर फिल्म महाराष्ट्र के ग्रामीण जीवन पर आधारित है और इसकी कहानी नवविवाहित सुमन के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी शादी से संतुष्ट नहीं है। संतोष दावखर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें शुरुआत में इस बात का संदेह था कि दर्शक इसे कैसे स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा, "मेरी प्राथमिकता थी कि मैं इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करूं।"
मराठी फिल्म 'गोंधल' को कान्स जैसे कई फिल्म महोत्सवों में प्रदर्शित किया जा चुका है। दावखर ने बताया कि भारतीय सिनेमा के बारे में एक धारणा है जो अक्सर गरीबी और जातिवाद पर केंद्रित होती है। उन्होंने कहा, "कान्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय महोत्सवों में, मैंने देखा कि भारतीय फिल्मों का प्रतिनिधित्व कैसे किया जाता है और लोग किस तरह से सोचते हैं। भारत की एक समृद्ध विरासत और गर्व करने वाला संस्कृति भी है, जिसे मैं सिनेमाई तरीके से दिखाना चाहता था।"
फिल्म बनाने के दौरान, दावखर ने अंतरराष्ट्रीय सिनेमा और स्क्रीनराइटिंग पर गहन अध्ययन किया। उन्होंने कहा, "कान्स में रहते हुए, मैंने दिन में तीन से चार फिल्में देखीं। 15 दिनों में, मैंने 40 से अधिक फिल्में देखीं। अगर आप एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म बनाना चाहते हैं, तो आपकी निर्माण प्रक्रिया भी उसी के अनुसार होनी चाहिए।"
उन्होंने यह भी बताया कि स्क्रीनप्ले पर काफी शोध किया गया है, जिसका उद्देश्य एक थ्रिलर मिस्ट्री को सरलता से प्रस्तुत करना था।
दावखर ने कहा, "मैंने इस पर बहुत रिसर्च की है और लोगों को एक सरल तरीके से एक थ्रिलर मिस्ट्री पेश की है, जिसमें भारतीय रीति-रिवाजों की समृद्धि भी शामिल है।"
फिल्म 'गोंधल' में मिस्ट्री और थ्रिलर के तत्वों को भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर के साथ जोड़ा गया है। इसमें किशोर कदम, इशिता देशमुख, योगेश सोहोनी, निषाद भोईर, अनुज प्रभु, सुरेश विश्वकर्मा और विट्ठल काले जैसे कलाकार शामिल हैं।