क्या है संजय दत्त और नोरा फतेही के विवादित गाने 'सरके चुनर' की कहानी?
गाने का विवाद और उसके पीछे की कहानी
मुंबई, 18 मार्च। संजय दत्त और नोरा फतेही की फिल्म 'केडी: द डेविल' का गाना 'सरके चुनर तेरी सरके' विवादों में आ चुका है। इस गाने पर कार्रवाई की चर्चा हो रही है, और इसके मेकर्स ने इसे पहले ही सोशल मीडिया से हटा दिया है।
इस विवादित गाने को लेकर नोरा फतेही को सोशल मीडिया पर काफी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस गाने के पीछे कौन लोग हैं? इस गाने के हिंदी बोल किसी साधारण लेखक ने नहीं, बल्कि ऑस्कर विजेता गीतकार रकीब आलम ने लिखे हैं। वहीं, इसे गाने वाली प्रसिद्ध गायिका मंगली हैं।
अब बात करते हैं मंगली की। सत्यवती राठौड़, जिन्हें उनके फैंस मंगली के नाम से जानते हैं, तेलंगाना की एक मशहूर लोक गायिका हैं। उन्होंने तमिल, तेलुगू और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में गाने गाए हैं, लेकिन 'सरके चुनर' के साथ उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा है। यह उनका पहला हिंदी गाना है। इसके अलावा, उन्होंने इसी फिल्म का तेलुगू वर्जन भी गाया है। मंगली ने टीवी प्रेजेंटर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी और अपनी उच्च पिच वाली आवाज के लिए जानी जाती हैं। हालांकि, उन्हें यह नहीं पता था कि उनका पहला हिंदी गाना इतना विवादित होगा।
अब रकीब आलम की बात करें। रकीब आलम हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध गीतकार हैं, जिन्होंने कई ब्लॉकबस्टर और ऑस्कर विजेता फिल्मों के लिए गीत लिखे हैं। विवाद के बाद रकीब ने कहा कि उन्होंने यह गीत लिखने की इच्छा नहीं जताई थी, लेकिन निर्देशक के कहने पर कन्नड़ भाषा में लिखे गीत का वर्ड-टू-वर्ड अनुवाद किया।
गौरतलब है कि फिल्म के तेलुगू गाने के बोल ऑस्कर विजेता गीतकार चंद्र बोस ने लिखे हैं। चंद्र बोस ने 'पुष्पा' के गाने 'उ अंटा वा वा' के तमिल बोल भी लिखे थे, जबकि हिंदी वर्जन के बोल रकीब आलम ने ही तैयार किए। हालांकि, कन्नड़ गीत के बोल किसने लिखे हैं, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है।
रकीब आलम ने भले ही इस विवादित गीत से दूरी बना ली हो, लेकिन उनके करियर में 'डबल मीनिंग' और बोल्ड गानों की कमी नहीं रही है। उदाहरण के लिए, ऑस्कर विजेता फिल्म 'स्लमडॉग मिलेनियर' का चर्चित गीत 'रिंग-रिंग रिंगा' आज भी चर्चा का विषय है। गाने की कुछ पंक्तियाँ हैं- "खटिए पे मैं पड़ी थी और गहरी नींद बड़ी थी, आगे क्या मैं कहूं सखी रे, एक खटमल था सयाना, मुझपर था उसका निशाना, चुनरी में घुस गया धीरे-धीरे...।"
इसी तरह, फिल्म 'पुष्पा' का आइटम नंबर 'उ अंटा वा वा' भी बोल्ड शब्दावली का प्रयोग करता है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'पुष्पा 2' के गाने 'अंगारों का अंबर सा', 'किसिक' और 'पीलिंग्स' में भी रकीब आलम ने ऐसी ही तुकबंदी का सहारा लिया है, जो युवाओं के बीच वायरल होने के लिए बनाई गई प्रतीत होती हैं।